सात साल का हुआ Live VNS : जल्‍द नये अवतार में नजर आएगा इसका ऐप, होंगे ढेर सारे फीचर्स

Live VNS, वाराणसी जि‍ले से शुरू की गयी एक डि‍जि‍टल न्‍यूज सेवा है, जो भारत सरकार के सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय के तहत रजिस्‍टर्ड कंपनी है। ये एक रजि‍स्‍टर्ड ट्रेडमार्क भी है। Live VNS का डिजिटल प्रसारण 20 अगस्‍त 2013 से वाराणसी और हैदराबाद से किया जा रहा था। बीते वर्ष ही हमने इसे पूरी तरह से वाराणसी शि‍फ्ट कर दि‍या है। आज हम अपनी 7वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इसके साथ ही हम आज वाराणसी की जनता के बीच नयी घोषणा भी कर रहे हैं। हम इसी अगस्‍त महीने के अंत तक अपने नये एंड्रॉएड ऐप को लांच करने जा रहे हैं, जो ना सि‍र्फ दुनि‍या के सबसे बड़े सर्वर में से एक गूगल क्‍लाउड के प्‍लेटफॉर्म पर चलेगा बल्‍कि‍ इसमें वो तमाम फीचर्स होंगे जि‍से आज के दौर में बनारसवासी अपनी सबसे बड़ी जरूरत के रूप में देख रहा है। क्‍या होंगे वो तमाम फीचर्स इसके बारे में वि‍स्‍तार से जानेंगे, उससे पहले आइये जानते हैं लाइव वीएनएस के बारे में कुछ जरूरी बातें।

सबसे प्राचीन नगरी का सबसे पहला डेली न्‍यूज पोर्टल
हम (Live VNS) पि‍छले सात साल से बनारस की जनता के लिये वाराणसी की खबरें निष्‍पक्ष भाव से अपने वेब न्‍यूज़ पोर्टल के जरिए प्रस्‍तुत करते आ रहे हैं। 160 साल से भी पुरानी ‘काशी की पत्रकारि‍ता’ के इति‍हास में पहली बार हमने प्रति‍दि‍न के समाचारों को डि‍जि‍टल माध्‍यम के जरि‍ए प्रकाशि‍त करने का साहस दि‍खाया। हमें विश्‍व की सबसे प्राचीन जीवंत नगरी काशी का सबसे पहला वेब न्‍यूज़ पोर्टल होने का गौरव प्राप्‍त है। इसी के साथ काशी में न्‍यू जर्नलि‍ज्‍म की भी शुरुआत हुई है।

Live VNS ने देशभर के युवा पत्रकारों को दि‍खाया रास्‍ता
बनारस जि‍ले के लि‍ये सबसे पहले वेब न्‍यूज पोर्टल Live VNS ने समय और पैसों के झंझावतों से जूझते हुए इस प्राचीन नगरी में न्‍यू मीडि‍या की नींव रखने का कार्य कि‍या। केवल इतना ही नहीं हमारे इस कदम के बाद देखते ही देखते कुछ ही वर्षों में देश के वि‍भि‍न्‍न शहरों में वहां के युवा पत्रकारों ने जि‍लास्‍तर पर न्‍यूज़ वेबसाइट्स शुरू की और आज ज्‍यादातर अपने अपने जिलों में सफल हैं। आपको ये पता होना चाहि‍ए कि‍ देश के तकरीबन हर जि‍ले में आज स्‍थानीय न्‍यूज वेबसाइट्स चल रही हैं।

समय के साथ बदलने का वक्‍त आ गया है
हम आपको बताना चाहते हैं कि‍ जल्‍द ही हम Live VNS को एक नये कलेवर में लेकर आ रहे हैं। बीते सात साल में हमें वाराणसी की जनता का अपार प्रेम और वि‍श्‍वास हासि‍ल हुआ है। नि‍:संदेह इसके साथ ही हमारी जि‍म्‍मेदारि‍यां बढ़ जाती हैं। शुरुआत से ही हम छोटे सर्वर पर अपनी वेबसाइट को लेकर चल रहे थे। किंतु कोरोना काल में अचानक वाराणसी की जनता का बेशुमार प्‍यार हमें हासि‍ल हुआ। परि‍णाम ये हुआ कि‍ हमारा छोटा सा शेयर्ड सर्वर जनता की अपेक्षाओं का भार उठा पाने में अक्षम साबि‍त होने लगा और बार बार सर्वर ड्रॉप होने लगा। इसी दौरान हमने अपने इस उपक्रम को बड़ा रूप देने का फैसला कि‍या।

हमारा एंड्राएड ऐप होगा पहले से ज्‍यादा बेहतर
हम आपको बता दें कि‍ आने वाले कुछ ही दि‍नों में हम पूरी तरह से अपने एंड्राएड ऐप पर शि‍फ्ट होने जा रहे हैं। हमारा एंड्राएड ऐप पहले से कहीं बेहतर, इस्‍तेमाल करने में ज्‍यादा असान और ढेर सारे फीचर्स के साथ वाराणसी की जनता के बीच होगा। ये भारत का पहला ऐसा ऐप होगा जो एक शहर को ध्‍यान में रखकर तैयार कि‍या जा रहा है। इस ऐप की सफलता ये तय करने के लि‍ये काफी होगी कि‍ हम पहले यूपी और फि‍र देश के सभी जि‍लों के लि‍ये उनके शहर का अपना ऐप लेकर आएंगे। इसके लि‍ये हमने मुम्‍बई और बेंगलूरू के इन्‍वेस्‍टर्स से संपर्क भी शुरू कर दि‍या है।

पूरी तरह से नि‍:शुल्‍क होगा Live VNS ऐप
वैसे तो अभी हमारा ऐप अपने नि‍र्माण के पहले चरण में हैं और हम आने वाले कुछ दि‍न में ही इसे वाराणसी में लांच कर रहे हैं। इसमें तमाम ऐसे फीचर्स होंगे जो एक शहरवासी की जरूरतों को पूरा करने में उनकी मदद करेगा। सबसे अहम बात ये कि‍ हमारे सभी फीचर्स बि‍ल्‍कुल नि‍:शुल्‍क होंगे यानि‍ हम जनता से इन फीचर्स के उपयोग करने के लि‍ये कोई शुल्‍क नहीं लेने वाले, भवि‍ष्‍य में भी ये पूरी तरह से नि‍:शुल्‍क ही रहेगा। तो आइये जानते हैं कि‍ आखि‍र हमारे नये ऐप में क्‍या क्‍या फीचर्स होंगे।

1. न्‍यूज : चूंकि‍ हमारी पहचान वाराणसी की स्‍थानीय खबरों को लेकर बनी है, ऐसे में इस ऐप का मूल उद्देश्‍य लोगों को वाराणसी की खबरों से हर पल रूबरू कराना ही होगा। बनारस में रहने वाले, या फि‍र देश दुनि‍या में कहीं भी रह रहे बनारस वालों को उनके अपने जि‍ले की सबसे वि‍श्‍वसनीय खबरें हम पहले भी देते रहे हैं और आगे भी ये क्रम नहीं टूटेगा। बल्‍कि‍ अबतक शहरी क्षेत्र पर फोकस रहा हमारा प्‍लेटफॉर्म अब सम्‍पूर्ण जि‍ले को लेकर आगे बढ़ेगा। अर्थात् बनारस के शहरी मोहल्‍लों से लेकर गांव गांव तक की खबरें इस प्‍लेटफॉर्म पर उपलब्‍ध होंगी। इसके लि‍ये संवाददाताओं की एक बड़ी टीम हमने तैयार करना शुरू कर दि‍या है। इसके अलावा हमने देश की सबसे बड़ी हि‍न्‍दी न्‍यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ हाथ मि‍लाया है और देश, दुनि‍या, फि‍ल्म और खेल जगत की महत्‍पूर्ण खबरें भी हम अपने Live VNS ऐप के जरि‍ये आप तक पहुंचाएंगे। इसमें वाराणसी, नेशनल, इंटरनेशनल, बि‍जनेस, स्‍पोर्ट्स, इंटरटेन्‍मेंट, धर्म आदि‍ कैटेगरी के जरि‍ये हम आपकी जि‍ज्ञासा शांत करने की कोशि‍श करेंगे।

2. डायरेक्‍ट्री (अथॉरि‍टी) : अपने नये ऐप के जरि‍ये हम वाराणसी की लोकल डायरेक्‍ट्री तैयार कर रहे हैं। यहां (अथॉरि‍टी सेक्‍शन में) आपको वाराणसी के सभी सरकारी वि‍भागों के कॉन्‍टेक्‍ट नंबर मि‍लेंगे। इनमें जि‍ले के बड़े अफसरों से लेकर थाने, चौकी और हलका तक के नंबर आपको सि‍र्फ एक ऐप के जरि‍ये उपलब्‍ध हो सकेगा। साथ ही चाहे बि‍जली वि‍भाग हो, आपके स्‍थानीय बि‍जली सब स्‍टेशन हों, नगर नि‍गम, तहसील, वि‍कास प्राधि‍करण, वि‍कास खंड कार्यालय, आरटीओ ऑफि‍स, इनकम टैक्‍स ऑफि‍स, बेसि‍क शि‍क्षा वि‍भाग कार्यालय आदि‍ के कांटेक्‍ट नंबर ढूंढने के लि‍ये आपको इधर उधर परेशान नहीं होना पड़ेगा।

3. डायरेक्‍ट्री (सर्वि‍सेज़) : हमारे ऐप के लोकल डायरेक्‍ट्री कैटेगरी में ही आपको सर्वि‍सेज़ सेक्‍शन में बनारस के डॉक्‍टर्स, आर्कि‍टेक्‍ट, सीए, अधि‍वक्‍तागण, स्‍कूल, कोचिंग, इंस्‍टीट्यूट यहां तक कि‍ पंडि‍त-पुरोहि‍त से लेकर स्‍कि‍ल्‍ड लेबर, वर्कर, इलेक्‍ट्रीशि‍यन, प्‍लंबर आदि‍ के कॉन्‍टेक्‍ट नंबर भी उपलब्‍ध कराये जाएंगे, जि‍ससे आप अपनी कि‍सी भी प्रकार की समस्‍याओं के लि‍ये घर बैठे ही उनसे संपर्क स्‍थापि‍त कर सकें।

4. लि‍स्‍टिंग : बनारस चूंकि‍ पूरी तरह से व्‍यापारि‍यों का शहर है। हमारे नये ऐप में हमने व्‍यापारि‍यों का वि‍शेष ध्‍यान रखा है। कोरोना काल में बारंबार लॉकडाउन की स्‍थि‍ति‍ है ऐसे में लोग घरों से बाहर नि‍कलने में हि‍चक रहे हैं। आधुनि‍क युग में जि‍स प्रकार हम अपनी धरती का दोहन कर रहे हैं उसे देखते हुए आने वाला वक्‍त भी नये वायरस के खतरों से महफूज़ नहीं है, लि‍हाज़ा भवि‍ष्‍य में भी लॉकडाउन जैसी समस्‍याएं आम होंगी। इस बात को ध्‍यान में रखते हुए हमने स्‍थानीय व्‍यापारि‍यों और ग्राहकों के बीच भौगोलि‍क दूरी को टेक्‍नॉलॉजी के माध्‍यम से कम करने का प्रयास कि‍या है। हमारे नये ऐप में बनारस के व्‍यापारी खुद अपने आप जुड़ सकते हैं। इसके लि‍ये जल्‍द ही हम ऑनलाइन रजि‍स्‍ट्रेशन फॉर्म के अलावा डोर टू डोर कैंपेन भी चलाएंगे। हमारे ऐप पर नि‍:शुल्‍क रजि‍स्‍ट्रेशन करा के व्‍यापारीगण अपनी दुकान और व्‍यवसाय की बेसि‍क जानकारी हमारे ऐप पर डाल सकते हैं, जि‍ससे हमारे ऐप पर मौजूद वाराणसी की जनता उनके व्‍यापार के बारे में अच्‍छी तरह से जान सके और जरूरत पड़ने पर उनसे बि‍ना कि‍सी बाधा के संपर्क स्‍थापि‍त कर सके। नि‍कट भवि‍ष्‍य में इस लि‍स्‍टिंग कैटेगरी को लोकल ई कॉमर्स के एक बड़े प्‍लेटफॉर्म के रूप में वि‍कसि‍त करने की योजना है, जहां घर बैठे वाराणसी के कि‍सी भी व्‍यापारी से ऑनलाइन खरीददारी भी की जा सकती है। ये एक बड़ा सेक्‍शन है इसलि‍ये यहां पूरी बात बता पाना मुमकि‍न नहीं है। इसके लि‍ये अगल से आलेख लि‍खा जाएगा।

5. एनजीओ कनेक्‍ट : इसके साथ ही हम वाराणसी के सभी स्‍वयं सेवी समूहों को भी अपने ऐप के जरि‍ये ऑनलाइन ला रहे हैं। बनारस में वि‍भि‍न्‍न स्‍तरों पर काम कर रही स्‍वयंसेवी संस्‍थाएं हमारे ऐप के माध्‍यम से खुद को नि‍:शुल्‍क रजि‍स्‍टर्ड करा सकती हैं। इसके बाद वो अपने कार्यक्रमों की जानकारी लोगों तक पहुंचा सकती हैं, बि‍ना कि‍सी बाधा के। साथ ही वि‍भि‍न्‍न प्रकार की सामाजि‍क संस्‍थाओं से आम जनता खुद भी जुड़ सकती है, उनसे मदद मांग सकती है। वाराणसी में कई ऐसी सामाजि‍क संस्‍थाएं हैं जो दि‍न रात जरूरतमंदों की मदद करती हैं, बावजूद इसके ज्‍यादातर जनता को इनके बारे में पता भी नहीं होता, ऐसे में हमारा ऐप एनजीओ और आम जनता के बीच सेतु का काम करेगा।

6. गवर्नेंस : अक्‍सर ये देखा जाता है कि‍ लोग जि‍लाधि‍कारी कार्यालय या पुलि‍स वि‍भाग अथवा अन्‍य सरकारी वि‍भागों से जोड़कर फेक जानकारि‍यां सोशल मीडि‍या पर वायरल करने लगते हैं। वहीं कई बार सरकारी स्‍तर पर जारी की गयी सूचनाएं जनता तक उलझाऊ रूप में पहुंचती हैं। इस समस्‍या को हम सबने लॉकडाउन के काल में महसूस कि‍या है। इसे देखते हुए हमने वाराणसी के सरकारी दफ्तरों की ओर से जनता के लि‍ये जारी की जाने वाली आधि‍कारि‍क सूचनाओं को जैसे का तैसा पब्‍लि‍श करने का बीड़ा उठाया है। इसमें जि‍लाधि‍कारी कार्यालय, वाराणसी पुलि‍स, वि‍कास प्राधि‍करण, वाराणसी नगर नि‍गम, काशी हि‍न्‍दू वि‍श्‍ववि‍द्यालय, डीजल रेल इंजन कारखाना, बेसि‍क शि‍क्षा वि‍भाग, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ के साथ साथ श्रीकाशी वि‍श्‍वनाथ मंदि‍र ट्रस्‍ट तथा अन्‍य सरकारी वि‍भागों और संस्‍थानों की आधि‍कारि‍क प्रेस रि‍लीज़ और उपलब्‍ध पीडीएफ फाइल भी आपको यहां पढ़ने को मि‍लेगी। इसके अलावा वाराणसी के सभी आठों वि‍धायक और सांसद कार्यालय की ओर से जनता के लि‍ये जारी होने वाली सूचनाएं भी हम इस सेक्‍शन में आपके लि‍ये पब्‍लि‍श करेंगे।

7. सि‍टि‍जन : ये सेक्‍शन हमारे सि‍टी लाइव कैटेगरी के अंतर्गत होगा। हमारे ऐप पर नि‍:शुल्‍क रजि‍स्‍टर्ड हर पाठक अपनी अभि‍व्‍यक्‍ति‍ की आजादी का पालन करते हुए अपने आस पास की मूलभूत समस्‍याओं, जैसे – सड़क, बि‍जली, नाली, साफ सफाई, स्‍वास्‍थ्‍य आदि‍ के संबंध में जानकारी दे सकता है। जि‍न्‍हें आवश्‍यक्‍ता पड़ने पर हम सीधे अपने न्‍यूज सेक्‍शन में ट्रांसफर करके उसे संबंधि‍त वि‍भाग और जि‍ले के आलाधि‍कारि‍यों तक पहुंचाने का बीड़ा उठाएंगे।

8. फोरम : सि‍टी लाइव कैटेगरी के अंतर्गत ये सवाल पूछने का एक खुला मंच होगा, जहां वाराणसी की जनता कोई भी ऐसा प्रश्‍न पूछ सकती है, जि‍सका उत्‍तर तमाम लोगों की जि‍ज्ञासाओं को शांत करने वाला हो या फि‍र लोगों की जानकारी में इजाफा हो। फोरम कैटेगरी ज्‍यादातर अंग्रेजी वेबसाइट्स और ऐप में काफी प्रचलि‍त हैं। हमें उम्‍मीद है कि‍ वाराणसी की शि‍क्षि‍त जनता इस फोरम का पूरा उपयोग करेगी और यहां पूछे गये सवालों का जवाब देने के लि‍ये आगे आएगी।

9. रेट : सि‍टी लाइव कैटेगरी के अंतर्गत ही ये सेक्‍शन वाराणसी में उपलब्‍ध सेवाओं के रेट के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। इनमें ऑटो, बस, टैक्‍सी, पार्क, वाटर पार्क, जि‍म, सि‍नेप्‍लेक्‍स, मल्‍टीप्‍लेक्‍स, सि‍नेमा हॉल, ऑडि‍टोरि‍यम आदि‍ के रेट के बारे में जानकारी उपलब्‍ध करायी जाएगी।

10. ट्रैवेल : ये सेक्‍शन सि‍टी लाइव कैटेगरी के अंतर्गत ही होगा। इसमें वाराणसी में स्‍थि‍त तमाम दर्शनीय स्‍थलों तथा आस पास के जि‍लों के दर्शनीय स्‍थलों की जानकारी उनका गूगल मैप के जरि‍ये लोकेशन और उस पर्यटन स्‍थल पर अगर कोई सरकारी अथवा नि‍जी प्रशासन का कोई सूचना केंद्र स्‍थापि‍त है, तो उसका टेलीफोन नंबर भी उपलब्‍ध कराया जाएगा। इसके अलावा यहां वाराणसी के सभी रेस्‍टुरेंट्स, सभी प्रकार की प्राइवेट नाव, बजड़े, क्रूज़ और मोटरबोट की जानकारी तथा उनसे संपर्क करने की सुवि‍धा भी मॉजूद रहेगी। सि‍र्फ इतना ही नहीं वाराणसी के सभी बड़े होटल, गेस्‍ट हाउस, पेइंग गेस्‍ट और लॉज की जानकारी भी हम यहां उपलब्‍ध कराएंगे। भवि‍ष्‍य में हम इसी प्‍लेटफॉर्म से इनकी ऑनलाइन बुकिंग कराने की सुवि‍धा भी प्रदान करेंगे।

हम सब इस नये प्रयोग के सफल होने की बाबा वि‍श्‍वनाथ से कामना करते हैं। आपका आशीर्वाद और मार्गदर्शन हमें मि‍लता रहे। आप अपने सुझाव हमें हमारे ईमेल [email protected] पर या हमारे वाट्सएप नंबर 8840585921 पर दे सकते हैं।

आपका
ईश्‍वर उपाध्‍याय
मुख्‍य कार्यकारी अधि‍कारी/प्रबंध संपादक
Live VNS

वाराणसी में शुक्रवार को मि‍ले रि‍कॉर्ड 312 कोरोना संक्रमि‍त मरीज, 2 की मौत, पुराने 137 मरीज हुए स्‍वस्‍थ

55 new corona patients found in Varanasi on Monday

वाराणसी। जि‍ले में हर नये दि‍न के साथ कोरोना संक्रमण भी तेजी से अपने पैर पसार रहा है। जनपद में शुक्रवार को 312 कोरोना पॉजिटिव मरीज मि‍ले हैं। ये वाराणसी में 24 घंटे में मि‍ले कोरोना पॉजि‍टि‍व मरीजों की अबतक की सबसे बड़ी संख्‍या है।

इसके अलावा आज 2 मरीजों की इलाज के दैरान मौत भी हुई है। वहीं 18 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से, जबकि‍ 119 मरीज को होम आइसोलेशन से डि‍स्‍चार्ज कि‍या गया है।

वर्तमान में वाराणसी में 1783 एक्टिव केस हैं। वहीं अब तक कुल 2205 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। जि‍ले में अबतक 4065 कोरोना केस सामने आ चुके हैं। इनमें से 77 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

विस्तृत खबर थोड़ी देर में..

बड़ी खबर : वाराणसी में गुरुवार सुबह मिले 118 नए कोरोना पॉज़िटिव मरीज़

वाराणसी। कोविड 19 का संक्रमण लगातार वाराणसी में बढ़ रहा है। गुरुवार की सुबह बीएचयू लैब से मिली जांच रिपोर्ट्स में 118 नए कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ मिले हैं। इसी के साथ जनपद में कोरोना पॉज़िटिव की संख्या 3659 हो गयी है। अभी तक इस लाइलाज बिमारी से 72 लोगों की जान चुकी हैं।

बुधवार शाम 7 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 11 बजे तक बीएचयू लैब से प्राप्त 716 जांच रिपोर्ट्स में 118 नए कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों मिले हैं। जनपद में इस समय 1631 कोरोना पॉज़िटिव के एक्टिव केस हैं। अभी तक वाराणसी में 1956 लोग स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं।

जनपद में अभी तक 58679 सैम्पल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं, जिसमे से 50795 की रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें 3659 कोरोना पॉज़िटिव तो 47136 रिपोर्ट निगेटिव आयी है। जनपद में अभी भी 7073 सैम्पल की जांच रिपोर्ट आनी है।

वाराणसी में बुधवार को टूटा अबतक का सारा रि‍कॉर्ड, मि‍ले 218 कोरोना पॉजि‍टि‍व मरीज, 3 की मौत

वाराणसी। बुधवार को कोरोना केस ने तोड़ा अब तक का सारा रिकॉर्ड मि‍ले 218 कोरोना पॉजिटिव मरीज। आज 3 मरीजों की हुई मौत, जिसके बाद जनपद में कोरोना से मौत का आंकड़ा 72 पहुंच गया है।

वहीं आज 33 पुराने मरीजों को इलाज के बाद अस्‍पताल से छुट्टी मिली है, जबकि‍ होम आइसोलेशन कर रहे 88 मरीज भी स्वस्थ हुए हैं। वर्तमान में जनपद में एक्टीव मरीजों की संख्या 1515 हैं।

जि‍ले में अब तक 1956 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। अबतक वाराणसी में 3543 कोरोना पॉजि‍टि‍व केस मि‍ल चुके हैं।

वाराणसी में मि‍ले 93 नये कोरोना संक्रमित मरीज, 24 घंटे में तीन मरीजों ने तोड़ा दम, 135 हुए स्‍वस्‍थ

वाराणसी। जिले में सोमवार को सायं से मंगलवार को पूर्वाहन तक बीएचयू लैब से प्राप्त 105 रिपोर्ट में से 20 तथा सायं तक प्राप्त रिपोर्ट में से 73 फुल प्राप्त रिपोर्ट में से 93 नये कोरोना संक्रमित मरीज पाये गये। जबकि लक्ष्मी नगर थाना लक्सा निवासी 65 वर्षीय मरीज, मनोहरपुरी कॉलोनी लेन नंबर 2 निवासी 40 वर्षीय मरीज की सर सुंदरलाल चिकित्सालय बीएचयू में मौत हो गयी। इसके अलावा ककरमत्ता निवासी 57 वर्षीय पुरुष की एपेक्स हॉस्पिटल मौत हो गयी।

पि‍छले 24 घंटे में कुल 3 मरीजों की इलाज के दौरान मृत्यु हुई है। वही होम आइसोलेशन में रह रहे 88 तथा अस्पतालों में इलाज करा रहे 47 सहित 135 कोरोना मरीजों का सैंपल रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हें स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज किया गया।

इस प्रकार वाराणसी जनपद में कुल कोरोना मरीजों की संख्या 3325 हो गया है। जबकि होम आइसोलेशन में रह रहे 565 तथा अस्पतालों में इलाज कराकर 1270 सहित कुल 1835 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में एक्टिव कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1421 है। जबकि 69 लोगों की अब तक मृत्यु हो चुकी है।

आज संक्रमित पाए गए मरीज कृष्ण विहार कॉलोनी, छित्तूपुर खोजवा, आनंद नगर कॉलोनी कंदवा, रेलवे कॉलोनी डीएलडब्लू, पांडे हवेली नारद घाट, भीखमपुर गाजापुर, जवाहर नगर कॉलोनी आशापुर, श्री शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय, ब्रह्मणाल गढ़वासी टोला चौक, शास्त्री नगर, मेहता नगर कॉलोनी शिवपुर, कमलापति त्रिपाठी स्कूल अस्थाई जेल, शिवपुर, ईएसआईसी हॉस्पिटल, शक्तिनगर खगौन, मयूर विहार कॉलोनी नवलपुर बसही, चेतगंज, बंगाली टोला, रामनगर, चौक वट्टी रामनगर, भेलूपुर, सुसुवाही, करौंदी, सरायनंदन खोजवा सुंदरपुर, नायब तहसीलदार एसडीएम सदर ऑफिस, रोहनिया, दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, डीएलडब्ल्यू, संत रघुवर नगर दत्ता डायग्नोस्टिक सेंटर छित्तूपुर महमूरगंज, केदार नगर कॉलोनी, पुलिस स्टेशन भेलूपुर, सरकारी पूरा मंडुवाडीह, कैलाशपुरी कॉलोनी भगवानपुर लंका, पहाड़ी गेट आगनवाडी डीएलडब्ल्यू, नदेसर कैंट, बवलिया बाग रामकटोरा, सोनारपुरा पांडे हवेली, कादीपुर बलुआ रोड चौबेपुर कला, साईं मंदिर शिवपुर, अदशाह बाग कॉलोनी सिगरा, लक्ष्मी कुंड लक्शा, छित्तूपुर महमूरगंज, यूपीएससी बेनिया, खोजो वहां बाजा संकुलधारा, टकटकपुर, न्यू सेंट जॉन्स कॉलोनी मंडोली, बड़ी पियरी, काजी साहदुल्लापुर जैतपुरा, जीएम नगर फेज 2 सोएपुर लालपुर, गांधी नगर कॉलोनी सिगरा, उनेद्र नगर कॉलोनी दुर्गाकुंड, कज्जाकपुरा, जियापुरा चेतगंज, विश्व विहार अपार्टमेंट शिवपुर, आवास विकास कॉलोनी पांडेपुर, न्यू लोको कॉलोनी रेलवे कॉलोनी लहरतारा, दरबार कुंज गणेशपुर डीएलडब्लू, दुर्गा कटरा बनारसी, भेलूपुरा रोड बैंक ऑफ इंडिया के पीछे भेलूपुर, मेडविन हॉस्पिटल मैदागिन, रमना थाना लंका, जवाहर नगर एक्सटेंशन, जगरनाथपुरी कॉलोनी रथयात्रा छित्तूपुर, गैलेक्सी हॉस्पिटल महमूरगंज, सुड़िया बुलानाला, भारतपुरम कॉलोनी देवपोखरी, नदेसर, रघुनाथ नगर छित्तूपुर, नालीपुर, भगवानपुर, सुश्रुत हॉस्पिटल आईएमएस बीएचयू, शिवदासपुर, एमपी एमएमसी कैंसर हॉस्पिटल नरिया थाना लंका, लाठियां अमरा तथा सरायनंदन सुंदरपुर से हैं।

वाराणसी में दि‍नांक 4 अगस्‍त 2020, मंगलवार को 11 नये हॉटस्‍पॉट बनाये गये हैं। इसके अलावा ग्रीन जोन में आ चुके पांच हॉटस्‍पॉट दोबारा से रेड जोन में आ गये हैं। आज 27 हॉटस्‍पॉट ग्रीन जोन में तब्‍दील हो गये हैं। जि‍ले में अबतक 997 इलाके हॉटस्‍पॉट बनाये जा चुके हैं। इनमें 593 इलाके अबतक ग्रीन जोन में आ चुके हैं। फि‍लहाल रेड जोन में 404 इलाके हैं।

रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला की प्रतिकृति हनुमान मुखौटा अयोध्या रवाना

वाराणसी। श्रीराम जन्मभूमि आयोध्या के लिए काशी की विश्व प्रसिद्ध रामनगर राममलीला की प्रतिकृति हनुमान मुखौटा राज्यमंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु को मंगलवार को काशी घाट वॉक की ओर आयोजित कार्यक्रम में गंगा के मध्य धार में भेंट किया गया। इस दौरान ताना-बाना ग्रुप के लोगों ने कबीरवाणी लोगों को सुनाया। अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि पूजन में यह मुखौटा भी मौजूद रहेगा।

इस दौरान मौजूद बीएचयू के भोजपुरी संकाय के समन्वयक श्री प्रकाश शुक्ल ने कहा कि हनुमान के बगैर राम की सत्ता नहीं है, और तुलसी के बगैर हनुमान की सत्ता नही है, इसी क्रम में काशी के बगैर तुलसी की सत्ता नही है। इसलिए राम की सत्ता में काशी की सत्ता का होना अनिवार्य है, क्योंकि रामकथा का बहुत हिस्सा काशी में ही लिखा गया। इसी कारण यह अवसर बहुत महत्त्वपूर्ण है की अपने आराध्य राम के निमित्त काशी के लोग राम के अनंयभक्त राम का मुखौटा भेज रहे है। इसके लिए काशी घाट वॉक की भूमिका सराहनीय है।

राज्यमंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने भूमिपूजन की बधाई देते हुए कहा कि राम मंदिर के निर्माण में हर कोई अपना अंशदान दे रहे है, ठीक उसी प्रकार रामसेतु में जैसे गिलहरी ने अपना योगदान दिया था। उन्होंने कहा कि काशी में समस्त देवी-देवताओं का वास है, इसलिए काशी से मिला राममलीला प्रेमियों का मुखौटा अनूठा है।

काशी घाट वॉक के आयोजक डॉ वीएन मिश्र ने कहा कि पहली बार ऐसा होगा जब रामनगर रामलीला की प्रतिकृति का दर्शन बनारस के बाहर होगा। घाट वॉक की ओर से राजेन्द्र प्रसाद द्वारा बनाई गई दो महीने में 2 फूट के मुखौटा भेंट किया गया है। भले भगवान का जन्म आयोध्या में हुआ हो, लेकिन जो रामलीला का मंचन काशी में होता है वह विश्वप्रसिद्ध है, यह मुखौटा काशी के साथ-साथ राममलीला का भी प्रतिनिधित्व करेगा।

इस दौरान लखनलाल जौहरी, देवेंद्र दास, गोविंददास, शैलेन्द्र तिवारी, चन्द्रशेखर पाठक, शिव विश्वकर्मा, सौरभ राय मौजूद रहे।

देखें वीडियो

पिता को डिस्चार्ज कराने आया बेटा भूल गया था रुपये से भरा बैग, चौकी इंचार्ज कबीरचौरा ने ढूंढ कर किया सुपुर्द

Outpost incharge Kabirchaura found a bag full of money

वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों की ईमानदारी की मिसाल और उनकी त्वरित कार्रवाई की हमेशा चर्चा होती है। ऐसा ही कुछ कार्य किया आज सब इन्स्पेक्टर धर्मराज सिंह ने जब एक बेटा जो कबीरचौरा अस्पताल में अपने पिता को डिस्चार्ज करवाने आया था और अपना रुपयों से भरा सूटकेस वार्ड में ही भूल गया था।

इस बात की शिकायत उक्त व्यक्ति ने कबीरचौरा चौकी पर चौकी इंचार्ज से की थी, जिसके बाद चौकी इंचार्ज ने रुपयों से भरा सूटकेस ढूंढ कर भुक्तभोगी को वापस कर दिया। चौकी इंचार्ज कबीरचौरा धर्मराज सिंह की इस बात के बाद जमकर तारीफ हो रही है।

इस सम्बन्ध में कोतवाली थाना अंतर्गत कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय की पुलिस चौकी के इंचार्ज धर्मराज सिंह ने बताया कि आज सुबह हमारे पास बिहार के औरंगाबाद निवासी दिवाकर पांडेय आये थे और हमसे शिकायत की कि वह अपने पिता जो कि यहां 29 जुलाई से एडमिट थे वार्ड नंबर 1 की बेड नंबर 11 पर उन्हें डिस्चार्ज करवाने आये थे। इस दौरान वो अपना रुपयों से भरा सूटकेस बेड के बगल में मौजूद खिड़की पर भूल गए। उसमे 1 लाख 96 हजार रुपये थे।

धर्मराज सिंह ने बताया कि इस सूचना पर हमने वार्ड में जाकर पूछताछ की और सभी पहलू पर जांच की तो अस्पताल के एक कर्मचारी पर शक गहरा गया। उससे कड़ाई से पूछताछ की गयी तो उसने बैग चुराने की बात क़ुबूल कर ली। इसक बाद उसके कब्ज़े से सूटकेस बरामद कर भुक्तभोगी को दे दिया गया।

चौकी प्रभारी धर्मराज सिंह के इस कार्य की प्रशंसा पुलिस विभाग और आम जनता में हो रही है।

एनडीआरएफ ने SMF वाटर एम्बुलेंस की मदद से बचाई राजघाट पुल से गंगा में कूदे व्यक्ति की जान

NDRF saved the life of a man who jumped into the Ganges from Rajghat bridge with the help of SMF Water Ambulance (3)

वाराणसी। गंगा नदी में हर वक़्त आम जान की रक्षा के लिए मुस्तैद एनडीआरएफ ने आज SMF वाटर एम्बुलेंस की सहायता से गंगा में कूदे व्यक्ति की जान बचा ली। व्यक्ति का प्राथमिक उपचार करने के बाद एनडीआरएफ की टीम ने उस एकबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में एडमिट किया है, जहाँ उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।

इस संबंध में एनडीआरएफ इसंपेक्टर ने बताया कि मंगलवार की दोपहर कस्तूरी लाल (49) निवासी चौक ने राजघाट पुल से गंगा में छलांग लगा दी। नदी में गिरते ही व्यक्ति ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर राजघाट पर तैनात हमारी टीम ने तुरंत उस व्यक्ति के रेस्क्यू के लिए उक्त स्थान पर नाव और वाटर एम्बुलेंस दौड़ाई और वयक्ति को डूबने के पहले ही नदी से निकाल लिया।

एनडीआरएफ इन्स्पेक्टर ने बताया कि युवक बेहोश हो चुका था और उसकी स्थिति बहुत ही गंभीर बनी हुयी थी। उसके बाद तुरंत एसएमएफ़ वाटर एम्बुलेंस में शिफ्ट किया गया। यहाँ मुस्तैद एनडीआरएफ के डॉक्टर्स ने उक्त व्यक्ति की नब्ज़ चेक की तो वो बहुत धीमी चल रही थी और उनके कान से खून बह रहा था। इसपर उन्हें जीवन रक्षक दवाओं के साथ ही साथ आक्सीजन पर रखा गया।

उसके बाद 108 पर काल करके एम्बुलेंस द्वारा व्यक्ति को कबीरचौरा हॉस्पिटल भेजा जहां उनकी हालत अब स्थिर है। घटना की सूचना पर हॉस्पिटल पहुंचे परिजनों ने एनडीआरएफ का आभार जताया है।

कोरोना काल में बनारस के इस अस्पताल में मनाया गया अनूठा रक्षाबंधन, कोविड पेशेंट्स को बांधी गयी राखी

Unique Raksha Bandhan celebrated in this hospital of Kashi during Corona period Rakhi tied to Kovid

वाराणसी। वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से इस वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर बहुत सी बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने नहीं आ पायीं पर डिजटल राखी से उन्होंने अपना स्नेह अपने भाइयों तक पहुंचाया। कोरोना काल में इस समय शहर के कई अस्पतालों में कोविड के पेशंट भी एडमिट हैं जिन्हे इस रक्षाबंधन अपनी बहन की राखी का इंतज़ार रहा।

ऐसे में शहर के मेरिडियन हॉस्पिटल, लेढ़ूपुर में अस्पताल की तरफ से अनूठे रक्षाबंधन का आयोजन किया गया। यहां एडमिट कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों को यहां की लेडी डॉक्टर्स और नर्सों ने राखी बाँधी और कोरोना पेशेंट्स की मायूसी को ख़ुशी में तब्दील कर दिया।

हॉस्पिटल में एडमिट कोरोना पेशेंट्स के सामने जब गुलाबी पीपीई किट में लेडी डॉक्टर हाथों में अक्षत की थाली लेकर पहुंची तो उनका ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहां एडमिट मरीज़ों की आँखों में आंसू थे।

मेरिडियन के मेडिकल स्टाफ ने बताया कि सभी मरीज़ इस रक्षाबंधन पर अपनी भाई को मिस कर रहे थे ऐसे में हमने यह कदम उठाया सभी पुरुष मरीज़ों को हॉस्पिटल की लेडी डॉक्टर्स और नर्सों ने राखी बांधी।

जो जीता गया था आतंकियों के दंश से ज़िंदगी की जंग, कोरोना से गया हार

Advocate Pramod Shrivastava dies of corona

वाराणसी। जिला एवं सत्र न्यायलय वाराणसी में जब 23 नवम्बर 2007 को बम ब्लास्ट हुआ तो उस समय कई वरिष्ठ अधिवक्ता घायल हुए थे। उन्ही में से गंभीर रूप से घायल हुए अधिवक्ता प्रमोद श्रीवास्तव भी थे। आतंकियों के इस दंश को झेलकर ज़िंदगी जंग जीतने वाले अधिवक्ता मौजूदा समय में फैली कोरोना महामारी के खिलाफ ज़िंदगी की जंग हार गए हैं। कोविड पॉज़िटिव अधिवक्ता की कोरोना से मौत हो गयी।

इस सूचना के बाद कचहरी परिसर में हर कोई स्तब्ध था कि आतंकियों के दंश से जंग जितने वाला कोरोना से जंग कैसे हार गया। मंगलवार को सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के प्रस्ताव के बाद कचहरी मे अधिवक्ता शोकाकुल रहे और न्यायिक कार्य से विरत रहे।

इस सम्बन्ध में वरिष्ठ अधिवक्ता फौजदारी दिलिप सिंह ने बताया कि 23 नवम्बर 2007 को जब दिवानी कचहरी मे भयानक बम ब्लास्ट हुआ तो प्रमोद श्रीवास्तव उस ब्लास्ट मे बुरी तरीके.से घायल हो गये थे। बुरी तरह घायल हुए अधिवक्ता प्रमोद ने उस वक़्त जब शासन के लोग उन्हे पचास हजार रुपया सहायता राशि के तौर पर देने पंहुचे तो तो उन्होने बहुत ही विनम्रता से इंकार कर दिया, कहा मेरी जान बच गयी यही बहुत है आप इस पैसे को किसी और जरूरतमंद को दीजिएगा।

अधिवक्ता दिलीप सिंह ने बताया कि उनकी इस उदारता और हिम्मत के किस्से अधिवक्ताओं में अक्सर हुआ करते थे, पर अफसोस ऐसी सोच रखने वाले व्यक्ति को करोना ने हमसे छिन लिया।

इसके अलावा बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानन्द राय व मृतक के भाई सुबोध श्रीवास्तव ने बीएचयू अपस्ताल प्रशासन पर इलाज मे लापरवाही का आरोप लगाते हुये प्रमोद श्रीवास्तव के मौत की जांच करने की मांग के साथ बीएचयू के मेडिकल सुपरिन्टेन्डेन्ट और वीसी के स्थानान्तरण की मांग की है।