पिता को डिस्चार्ज कराने आया बेटा भूल गया था रुपये से भरा बैग, चौकी इंचार्ज कबीरचौरा ने ढूंढ कर किया सुपुर्द

Outpost incharge Kabirchaura found a bag full of money

वाराणसी। उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों की ईमानदारी की मिसाल और उनकी त्वरित कार्रवाई की हमेशा चर्चा होती है। ऐसा ही कुछ कार्य किया आज सब इन्स्पेक्टर धर्मराज सिंह ने जब एक बेटा जो कबीरचौरा अस्पताल में अपने पिता को डिस्चार्ज करवाने आया था और अपना रुपयों से भरा सूटकेस वार्ड में ही भूल गया था।

इस बात की शिकायत उक्त व्यक्ति ने कबीरचौरा चौकी पर चौकी इंचार्ज से की थी, जिसके बाद चौकी इंचार्ज ने रुपयों से भरा सूटकेस ढूंढ कर भुक्तभोगी को वापस कर दिया। चौकी इंचार्ज कबीरचौरा धर्मराज सिंह की इस बात के बाद जमकर तारीफ हो रही है।

इस सम्बन्ध में कोतवाली थाना अंतर्गत कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय की पुलिस चौकी के इंचार्ज धर्मराज सिंह ने बताया कि आज सुबह हमारे पास बिहार के औरंगाबाद निवासी दिवाकर पांडेय आये थे और हमसे शिकायत की कि वह अपने पिता जो कि यहां 29 जुलाई से एडमिट थे वार्ड नंबर 1 की बेड नंबर 11 पर उन्हें डिस्चार्ज करवाने आये थे। इस दौरान वो अपना रुपयों से भरा सूटकेस बेड के बगल में मौजूद खिड़की पर भूल गए। उसमे 1 लाख 96 हजार रुपये थे।

धर्मराज सिंह ने बताया कि इस सूचना पर हमने वार्ड में जाकर पूछताछ की और सभी पहलू पर जांच की तो अस्पताल के एक कर्मचारी पर शक गहरा गया। उससे कड़ाई से पूछताछ की गयी तो उसने बैग चुराने की बात क़ुबूल कर ली। इसक बाद उसके कब्ज़े से सूटकेस बरामद कर भुक्तभोगी को दे दिया गया।

चौकी प्रभारी धर्मराज सिंह के इस कार्य की प्रशंसा पुलिस विभाग और आम जनता में हो रही है।

घर बंद कर भाई के दसवें में गयी थी बहन, 10 लाख से अधिक की हुई चोरी, पुलिस कर रही जांच

Lakhs of rupees worth of goods stolen in Adampur police station area, police investigating

वाराणसी। शहर के आदमपुर थानाक्षेत्र के कोनिया सट्टी निवासी छोटेलाल सोनकर के घर में चोरों ने लाखों के आभूषण सहित 1 लाख 75 हज़ार नगद पर हांथ साफ़ कर दिया। छोटेलाल सोनकर रविवार को अपने साले के दसवें में शामिल होने गए थे। पत्नी पहले से वहां मौजूद थी। सुबह ग्फ्हर पहुंचे तो मकान का ताला टूटा हुआ था। भुक्तभोगी घर में ही जनरल स्टोर चलाता है। फिलहाल घटना की सूचना पर काफी देर बाद पहुंची आदमपुर पुलिस घटना की जांच कर रही है। भुक्तभोगी वार्ड नंबर 8 के भाजपा पार्षद विजय सोनकर के चचेरे भाई हैं।

इस सम्बन्ध में छोटेलाल सोनकर की पत्नी प्रभा सोनकर ने बताया कि मेरे भाई राजू का दसवां था मेरे सिगरा स्थित मकान पर। हम अपने भाई की मौत के बाद से वहीँ थे कल दसवां था उसका तो हमरे पति भी शाम में सिगरा चले आये थे। आज हम लोग वापस सुबह आये तो देखा मकान का ताला टूटा हुआ था, जब घर के अंदर गये तो देखा कमरे और जनरल स्टोर व चाय पान दुकान के दरवाजे का डणहरा को किसी राड को डाल कर चाडने के बाद दरवाजे को खोला और आराम से घर में चोरी की।

प्रभा ने बताया कि चोरों ने कमरे में दो गोदरेज की अलमारी का ताला तोड़ने के बाद लाकर मे रखे चांदी के 5 जोडा पायजेब ,40 जोड़ा हाथ कड़ा बचकानी ,1 करधनी, 3 हाफ करधनी 3 जोड़ा पायल बचकानी, 8 करधनी बचकानी, 2 जोड़ा पैर का छड़ा बचकानी, 1 जोड़ा हाथ का पंजा, 2 जोड़ा झुमका सोने का, 2 जोड़ टप्स सोने का, 2 लौग सोने का, 1 नथ सोने का, 1 हार सोनेका, 2 चेन सोने का, 5अंगूठी सोने का, 1 लॉकेट सोने का, 2 मंगलसूत्र सोने का, 2 सिकडी बचकानी सोने का, 7 कलाई घड़ी को चोरों ने चुरा लिया है।

छोटेलाल सोनकर की सूचना पर काफी देर में पुलिस पहुंची। पुलिस को छोटेलाल ने बताया कि बहनोई की मौत के बाद भांजी की सारी ज़िम्मेदारी मेरी थी और उसी के लिए सामान इकट्ठा कर रहे थे। फिलहाल पुलिस भुक्तभोगी से पूछताछ कर जांच में लग गयी है।

तेज रफ्तार सफारी गाड़ी ने तीन को मारी टक्कर, दो की मौत, एक गंभीर

पिंडरा संवाददाता एड. धनंजय शर्मा

वाराणसी। चोलापुर थाना अंतर्गत ग्राम सभा नेहिया विधानसभा पिंडरा में चौबेपुर की तरफ से तेज रफ्तार आ रही सफारी गाड़ी जिसका नंबर यूपी 32 एचबी 2223 है गांव के प्राथमिक कन्या पाठशाला विद्यालय के पास सड़क किनारे राहगीरों को जबरदस्त टक्कर मारी। इसमें से 3 लोग मधुलिका राजभर उम्र लगभग 40 पत्नी संजय राजभर ,प्रदीप उम्र लगभग 17 वर्ष पुत्र मखनचू, व सनी उम्र लगभग 15 वर्ष पुत्र राजनाथ राम काफी गंभीर रूप से घायल हो गए। इनको ग्रामीणों के सहयोग से अस्पताल ले जाया गया। इस दौरान दो लोग मधुलिका व प्रदीप रास्ते में ही मृत हो गए सनी के हालत अभी भी गंभीर है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चौबेपुर की तरफ से बाबतपुर की तरफ आ रही सफारी गाड़ी काफी तेज थी कि अचानक गाड़ी ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और तीन लोगों को जबर्दस्त टक्कर मारते हुए सड़क किनारे बिजली के खंभे से जा टकराई। गाड़ी के तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बिजली का खंभा भी कई भागों में टूट गया तथा गाड़ी काफी दूर जाकर रुकी।

गाड़ी में शराब की बोतल गांजा अन्य नशीले पदार्थ भी मिले हैं। गाड़ी को ग्रामीणों ने क्षति पहुंचाई है। बताया जा रहा है कि गाड़ी में ड्राइवर को लेकर 3 लोग थे। जिसमें ड्राइवर व एक व्यक्ति मौके से फरार हो गया। एक को ग्रामीणों ने पकड़ ली तथा उसको मारा पीटा। जिसको बाद में पुलिस चोलापुर अपने साथ लेकर थाने गई।

ग्रामीणों व परिवार के लोग चक्का जाम करने की कोशिश की लेकिन मौके पर पहुंचे एसपीआरए एमपी सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनिल राय व थाना अध्यक्ष चोलापुर कुलदीप दुबे ने ग्रामीणों व परिवार वालों को समझा बुझाकर ऐसा करने से मना किया तथा कानून को अपने हाथ में लेने से रोका। फिर विश्वास दिलाया कि आप लोगों की पूरी सहायता की जाएगी तथा दुर्घटना करने वालों को किसी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन इस अंधे मोड़ पर बड़ी दुर्घटनाएं होती हैं जिसके बारे में जिले के उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन अधिकारी हैं कि सुनने को तैयार नहीं। थोड़ी राहत पूर्व थानाध्यक्ष चोलापुर अशोक यादव के समय में जगह जगह स्पीड ब्रेकर बनवा कर दिया गया था लेकिन इस समय सारे स्पीड ब्रेकर लगभग उखड़ चुके हैं जिससे गाड़ियों का रफ्तार भी धीमा नहीं होता है।

परिवार वाले तथा ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय विधायक व सांसद से भी था कितनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी दिखाई नहीं दिए।

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वाराणसी में गुरुवार को 2164 गाड़ियों का चालान, 43 गिरफ्तार, बिना मास्क के घूमने पर 2526 ने भरा जुर्माना

वाराणसी। जनपद में लॉकडाउन के आदेश के अनुपालन के क्रम में वाराणसी पुलिस द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में अनावश्यक घूम रहे, गैर जरुरी तौर से होटल/गेस्ट हाऊस/दुकानें खुली रखने वाले संचालकों, कालाबाजारी करने वालों व लॉकडाउन से सम्बन्धित नियमों की अवहेलना करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्ती बरतते हुए गुरुवार को विभिन्न थानों द्वारा कार्रवाई करते हुए कुल 43 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा-151 सीआरपीसी के अन्तर्गत निरोधात्मक कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार किया गया।

वहीं 333 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा-188 चालानी रिपोर्ट व धारा-51 आपदा प्रबन्ध अधिनियम के अन्तर्गत कार्रवाई की गयी।

जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों, 14 बार्डर प्वाइंट व 49 पुलिस नाकों पर सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए कुल 2164 वाहनों का चालान, 03 वाहनों को सीज तथा 194 वाहनों से रु0-1.68,000/- समन शुल्क वसूल किया गया। बिना मास्क पहने घुम रहे व्यक्तियों के विरूद्ध अभियान चलाकर बिना मास्क धारण किये कुल 2526 व्यक्तियों से रु-1,80,150/- जुर्माना जमा कराया गया।

वाराणसी पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, हुई थी लगातार तीन हत्याएं, 6 अभियुक्त गिरफ्तार

Varanasi police disclosed blind murder case, three consecutive murders, 6 accused arrested (3)

वाराणसी। सुमित श्रीवास्तव नामक व्यक्ति के अपहरण का मुकदमा 23 नवम्बर 2019 को मंडुआडीह थाने में दर्ज हुआ था, जिसके बाद उसकी लाश राजगढ़ के जंगल में मिली थी। इसपर पुलिस ने रोहनिया थाने हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी। इसके कुछ ही दिन बाद सुमित के मित्र बृजेश और फिर उसके बाद राजू की लाश मिली। पुलिस की विवेचना में यह सामने आया था कि यह हत्या लोन के 5 लाख रुपये के लिए की जा रही है, जिसके बाद बृजेश के मोबाइल के IMEI को रन कराने के बाद हत्या का खुलासा हो सका।

इस सम्बन्ध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि रोहनिया थाने में सुमित श्रीवास्तव के पहले अपहरण और बाद में हत्या का मुकदमा 14 नवंबर 2019 को दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस टीम ने जब जांच की तो या तथ्य सामने आया कि सुमित श्रीवास्तव के खाते में पांच लाख का लोन पास हुआ था। इस बात की जानकारी पकडे गए अभियुक्तों में से एक नीलकंठ को हुई थी।

एसएसपी ने बताया कि नीलकंठ ने यह बात अभियुक्त अभिषेक जायसवाल को बताई और अभिषेक जायसवाल ने नीलकंठ से सुमित श्रीवास्तव को विकास पटेल के ट्यूबवेल पर लाने को कहा यहाँ पहले से सह अभियुक्त अभिषेक जायसवाल, राम विलास पटेल, पंकज पटेल, विकास पटेल, सौरभ, शशिकांत मौजूद थे। सभी ने मिलकर सुमित की हत्या की और लाश रामविलास की कार से राजगढ़ के जंगल में फेंक दी।

इसके बाद सुमित श्रीवास्तव के अकाउंट से पांच लाख रुपया राजू के खाते में वा राजू के खाते से बृजेश के खाते में पहुँच गया। इस बता की जानकारी जब पुलिस को हुई तो हमने बृजेश के घर दबिश दी पर उसके पहले अभियुक्त उसे बुलाकर बचाव ले गए और उसकी हत्या कर शव गंगा नदी में फेंक दिया। बृजेश की लाश 9 नवम्बर को बरामद हो गयी मृतक की पत्नी पुनिता ने 6 व्यक्तियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।

एसएसपी ने बताया कि ये बदमाश यहीं नहीं रुके इन्हे जब पता चला कि अब पैसे राजू के खाते में आगये हैं तो उन्होंने उससे वो पैसे सौरभ को देने को कहा जिसपर राजू ने पैसा नहीं दिया और पुलिस में शिकायत की बात कि इसके बाद सौरभ जो कि राजू का दोस्त था उसे बुलाकर उसी ट्यूबवेल पर ले गया जहाँ सुमित की हत्या की गयी थी और वहीँ उकसी भी हत्या का दी और उसकी भी लाश गंगा नदी में फेंक दी।

एसएसपी ने बताया कि इन तीनों हत्याओं के घटनाओं में मात्र 4,73,000 रुपये जो सुमित के खाते में लोन के आये थें उन्हीं को लेकर सीरियल से सुमित श्रिवास्तव, बृजेश विश्वकर्मा और राजू की हत्याएं की गयी। तीनों घटनाओं का मास्टर माइंड अभिषेक जायसवाल और अभियुक्त सौरभ उर्फ लालू है। छह अभियुक्तगणों को गिरफ्तार कर के जेल भेजा जा रहा है और दो अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।

अभियुक्तों के कब्जे से 2,48.000 रुपये नगद, मृतक बृजेश विश्वकर्मा का मोबाइल, मृतक सुमित श्रिवास्तव का मोबाइल, हत्या में इस्तेमाल की गई दो मोटर साइकिल और एक कार बरामद किया गया है।

गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ परशुराम त्रिपाठी थाना रोहनिया, निरीक्षक क्राइम इंद्रभूषण यादव, उप निरीक्षक राम कुमार पाण्डेय, उप निरीक्षक इंदुकांत पाण्डेय,प्रभारी निरीक्षक महेंद्र राम प्रजापति मण्डुआडीह, उप निरीक्षक अमित कुशवाहा, उप निरीक्षक अजय कुमार, हेड कांस्टेबल हंसराज यादव, कांस्टेबल नामित दिनकर, कांस्टेबल विजय कुमार, कांसेटबल अविनाश शर्मा, कांस्टेबल विश्वजीत पाण्डेय ने मुख्य भूमिका निभाई।

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टीवी पर ऐड देखने के देता था पैसे, लॉकडाउन में करोड़ों लेकर हुआ था फरार, पुलिस ने किया गिरफ्तार

वाराणसी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाराणसी द्वारा वांछित अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में वाराणसी पुलिस ने गुरुवार को फर्जी कंपनी चलाकर करोड़ों का फ्रॉड करने वाले गिरोह के वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता पाई है।

उप निरीक्षक चन्द्रदीप कुमार चौकी प्रभारी चांदमारी अपनी पुलिस टीम के साथ चेकिंग अभियान में थे कि उस दौरान आईपीसी की धारा 406/420/467/468/471/120बी/34 में वांछित अभियुक्त मनोज कुमार शर्मा को भोजूबीर चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया, पर मौके से अभियुक्त का साथी फरारा हो गया।

पूछताछ के दौरान अभियुक्त मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि हम लोगों द्वारा संचालित कम्पनी DOOROTISER MEDIA PRIVATE LIMITED MAKARBA AHMEDABAD तथा CATCHY PIXEL COMPANY है, अपनी कम्पनी के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ो रूपये फर्जी दस्तावेज कुटरचित पम्पलेट द्वारा प्रचार प्रसार करके जनता के व्यक्तियों से धन ले लिया गया, जिसका संक्षिप्त विवरण निम्नवत है।

अभियुक्त ने बताया कि कम्पनी DOOROTISER MEDIA PRIVATE LIMITED MAKARBA AHMEDABAD के नाम से कम्पनी है इसके डायरेक्टर अशोक कुमार शर्मा और मोहन शर्मा जोनल हेड, रजत सिंह उर्फ हरपाल मार्केटिंग हेड, अनिरूद्ध शर्मा, सैल्स हेड विजय शर्मा है। इस कम्पनी का मुख्यालय मकरवा अहमदाबाद गुजरात है तथा कम्पनी का ट्रेड मार्क CATCHY PIXEL है।

इस कम्पनी के मास्टर फ्रैन्चाइजी वाराणसी के मालिक राजेश सिहं थाना सैदपुर जनपद गाजीपुर का है। इनका कार्यालय नटिनियादाई मन्दिर थाना शिवपुर वाराणसी में है। जहाँ से इनका संचालन किया जाता है। तथा लोगो को कम्पनी से जोड़ा जाता है।

अभियुक्त ने बताया कि कंपनी द्वारा लोगों को यूट्यूब के माध्यम से प्रलोभन देती है, जिसमें बताया जाता था कि टीवी देखे और 5000 रुपये प्रतिमाह कमाया जा सकता है। फैसबुक पेज बनाकर एवं पम्पलेट बाटकर कम्पनी का प्रचार प्रसार करना तथा लोगो को इससे जोड़ना। प्रति क्स्टमर 45,000 रुपये कम्पनी के खाते में जमा कराना तथा बदले में उनको एक टीवी देना तथा 24 घण्टे में 4 घण्टे विज्ञापन देखने पर प्रतिमाह 5000 रुपये देने का आश्वासन देना, जिसपर लोग लालच में आकर कंपनी में पैसे इंवेस्ट करते हैं।

वाराणसी में अधिकतम लोग कम्पनी से अक्टूबर 2019 के बाद जुड़े हैं। लगभग 9 करोड़ रुपया जनता के लोगो से लिया गया है तथा लॉकडाउन में अधिक कमीशन का लाभ देकर 2 करोड रूपया जमा कराया गया है। इस तरह 11 करोड रुपया कम्पनी द्वारा लिया गया है। पूरे भारत में लगभग 125 फ्रैन्चाइजी है प्रत्येक से 5 लाख रुपये लिया गया है। कंपनी लगभग 90 करोड़ से ज्यादा रुपया लोगो से जमा कराकर भाग गयी है।

इस कम्पनी के फ्रैन्चाइजी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारझण्ड, राजस्थान, गुजरात तथा देश के अन्य राज्यों में भी बने है। गिरफ्तार किये गए अभियुक्त पर थाना शिवपुर द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक चन्द्रदीप कुमार प्रभारी चौकी चांदमारी, कांस्टेबल चन्दन सिंह, कांस्टेबल अजीत कुमार गुप्ता थाना शिवपुर ने मुख्य भूमिका निभाई।

तीर्थ पुरोहित हत्याकांड में मुख्य आरोपी के घर हुई गैंगेस्टर एक्ट के अंतर्गत कुर्की की कार्रवाई

Attachment action under Gangster Act took place at home of main accused in Tirtha Purohit murder case11

वाराणसी। चेतगंज थानाक्षेत्र के सरायगोवर्धन में 21 सितंबर 2019 में डबल मर्डर से सनसनी फ़ैल गयी थी। ज़मीनी विवाद एवं आपसी रंजिश में की गयी पति पत्नी की हत्या के बाद इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी राजेन्द्र उपाध्याय को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की थी।

पकडे गए अभियुक्त पर जैतपुरा थाने में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 36/2020 धारा-3(1) यू0पी0 गैंगेस्टर एक्ट की धारा 14(1) तहत मंगलवार को सरायगोवर्धन थाना चेतगंज के दो मकानों को और मोहल्ला वाजिदपुर, थाना रामनगर वाराणसी निर्धारित मूल्य-रु0-12.53/- लाख कुर्क किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत 54,49,000 रुपये (चौबन लाख, उन्चास हजार रुपये) है। अर्जीत की गयी सम्पत्ति का जब्तीकरण की कार्यवाही की गयी है।

वाराणसी पुलिस लगातार गैंगेस्टर एक्ट के अभियुक्तों के ऊपर कुर्की का शिकंजा कस रही है। मंगलवार को क्षेत्राधिकारी चेतगंज अनिल कुमार व प्रभारी निरीक्षक जैतपुरा शशिभूषण राय द्वारा थाना जैतपुरा पर पंजीकृत यूपी गैंगेस्टर एक्ट के अभियुक्त राजेन्द्र उपाध्याय निवासी सी-4/213ए सरायगोवर्धन थाना चेतगंज वाराणसी द्वारा अपने आपराधिक कृत्य से अर्जित सम्पत्ति का गैंगेस्टर एक्ट की धारा-14(1) के तहत जब्तीकरण की करवाई की गयी।

इस सम्बन्ध में सीओ अनिल कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा के आदेश पर गैंगेस्टर एक्ट के अभियुक्त राजेंद्र उपाध्याय के सी 4/207 और सी-4/204 मकान संख्या को आज कुर्क किया गया है। ये दोनों ही प्रॉपर्टी इनकी आपराधिक कृत्यों से अर्जित की गयी थी। इसके अलावा इनकी रामनगर में भी इनकी एक प्रॉपर्टी है उसे भी कुर्क किया जायेगा।

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कपसेठी थाने का घेराव और मारपीट करने के मामले में 26 गिरफ्तार, ग्रामीणों ने लगाया आरोप

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वाराणसी। जनपद के कपसेठी थाने के बाहर हुई महिला ग्राम प्रधान और उसके पुत्र की पिटाई के बाद ग्रामीणों द्वारा थाना घेराव और पत्थर चलाने के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में कुछ लोगों ने महिला प्रधान और उसके पुत्र को सुनियोजित तरीके से थाने में घुसकर मारा पीटा।

सोमवार की रात कपसेठी थाना परिसर में दो स्कार्पियो सवार द्वारा बेलवा की ग्रामा प्रधान चेमली देवी और उनके पुत्र अमन गुप्ता की पिटाई कर दी। यह आरोप लगाते हुए मौके पर सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने थाने के घेराव किया जिन्हे लाठी भांजकर खदेड़ना पड़ा था।

इस सम्बन्ध में एसपी ग्रामीण मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम को गुड्डू उर्फ रजनीश कश्यप को संतोष गुप्ता जो प्रधान पति हैं उनके लड़के अमन गुप्ता ने बीच बाजार में किसी विवाद के चलते थप्पड़ मार दिया जिसकी शिकायत लेकर गुड्डू कश्यप थाने पहुंचे तो थाने से फोन करके संतोष गुप्ता के आरोपी पुत्र को बुलाया गया था।

एसपी ग्रामीण ने बताया कि थाने पर ही दोनों पक्षों का सुलह समझौता हुआ माफी मांग कर दोनों पक्षों के मामले को शांत किया गया, जब यह दोनों पक्ष थाने से बाहर निकल रहे थे तो मौका पाकर गुड्डू कश्यप ने संतोष गुप्ता को पीछे से एक थप्पड़ मार दिया। इस दौरान वहाँ मौजूद दोनों पक्षों के सर्थकों ने जब दोनों में मारपीट देखि तो वो भी एक दूसरे से भिड़ गए जिस पर पुलिस ने पहुंचकर दोनों पक्षों को पुनः हिरासत में लेते हुए थाने ले आई।

एसपी ग्रामीण मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बताया कि इसी दौरान दोनों पक्षों के काफी लोग जिसमें महिला पुरुष सभी थाने के अंदर चले आए और साफ तौर पर कहा जाए तो एक प्रकार से थाने का घेराव कर दिए। उन्होंने बताया कि वो सभी अपने अपने पार्टी को थाने से छुड़वाने के लिए जिद करने लगे अपनी बात जब नहीं बनी तो थोड़ा गर्मी गरमा हुई और थोड़ा ईट पत्थर भी पुलिस पर चलाने का प्रयास इन समर्थकों द्वारा किया गया।

इस पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें वहां से खदेड़ा दिया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि इस मामले धारा 342,347,504,506,7 CLA, कोरोना महामारी 269,270, में कुल 26 लोग गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें 7 लोग प्रधान पक्ष की ओर से तथा 19 लोग गुड्डू कश्यप की ओर से गिरफ्तार किए गए हैं जिन्हें आज जेल भेजा जा रहा है।

डीएसपी बहन ने की एसएसपी से शिकायत, सब इन्स्पेक्टर और सिपाही लाइन हाज़िर

वाराणसी। जनपद के बड़ागांव थानाक्षेत्र के करोमा गाँव निवासी जेवलिन थ्रो की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और इस समय कस्टम में डीएसपी के पद पर लखनऊ में तैनात सुमन यादव के भाई लक्ष्मीकांत यादव की निर्मम पिटाई पुलिसकर्मियों द्वारा किये जाने का प्रकरण 24 जुलाई को सामने आया था। इसपर डीएसपी सुमन यादव ने एसएसपी वाराणसी से इस सम्बन्ध में शिकायत की थी।

एसएसपी अमित पाठक ने उक्त सम्बन्ध में प्रारंभिक जांच के बाद शुक्रवार रात बड़ागांव थाने पर तैनात सब इन्स्पेक्टर अतुल मिश्रा व कांस्टेबल अंशुमान सिंह को पुलिस लाईन स्थानान्तरित करते हुए विभागीय करवाई की संस्तुति की है।

बता दें कि करोमा गांव में दूधनाथ के चार बेटों और दो बेटियो में एक बेटा राजेश यादव फौज में कर्नल है। इस समय चीन सीमा पर तैनात है। बेटी सुमन यादव जेवलिन थ्रो की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और इस समय कस्टम में डीएसपी के पद पर लखनऊ में तैनात हैं। एक बेटा लक्ष्मीकांत उर्फ गुड्डू यादव करोमा में रहते हैं और खेती किसानी करते हैं।

लक्ष्मीकांत गुरुवार को अपने खेत की ट्रैक्टर से जुताई कर रहे थे। इसी दौरान बगल के विक्की यादव के खेत का मेड़ कट गया। इस पर पड़ोसी विक्की ने 112 नंबर डायल कर पुलिस को बुला लिया। लक्ष्मीकांत ने अपनी गलती मानी और मेड़ बनवाने की बात कही लेकिन पुलिस वाले गाली गलौज करते हुए थाने ले आए। लक्ष्मीकांत के अनुसार वहां पुलिस ने उसे बुरी तरह पीटा।

वाराणसी की इस संस्था की जागरूकता से बलिया में दबोचे गए नवजात के सौदागर

वाराणसी। समाज आज उस दौर में आ चुका है जहां एक बिन मां के नवजात के पालन पोषण और उसे गोद लेने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा पैसों की मांग की जा रही है। मामला बलिया के नर्सिंग होम का है। वाराणसी में साधना फाउंडेशन संस्था के संस्थापक सचिव सौरभ मौर्य ने बताया कि उनके एक ग्रुप में बच्ची को गोद लेने के लिए मैसेज आये जिसपर बात करने पर अस्पताल कर्मियों 50 हजार की मांग कर डाली। जिसपर उन्होंने बलिया पुलिस को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी तो बलिया पुलिस ने पूरे मामले को संज्ञान मे लेते हुए महिला कर्मी समेत दो को गिरफ्तार कर लिया।

सौरभ मौर्य ने बताया कि संस्था दस वर्षों से रक्तदान की दिशा में कार्य कर रही है। संस्था का हर जिले में वाह्ट्सएप ग्रुप बना है। बलिया ग्रुप में नवजात के बारे में पता चलने पर संपर्क किया गया। क्योंकि संस्था के ही एक सदस्य को कई वर्षों से बच्चा नहीं हुआ था तो उन्होंने बच्चा गोद लेने की बात कही थी। नंबर मिलाने पर कर्मचारी से बात हुई तो उधर से पैसे की मांग करने लगे, जिसे मैंने मोबाइल मे रिकॉर्ड कर लिया था।

उन्होंने बताया कि अस्पताल जाकर पता करने पर संस्था के पदाधिकारी मित्र से नवजात बच्चों के सौदागर ने यह भी कहा कि यह बच्ची एक दंपत्ति को दे दी गई है, यानि बिक चुकी है। कुछ दिनों में दूसरा बच्चा आने पर आपको संपर्क किया जाएगा। लेन देन की बात पर उस व्यक्ति ने बताया कि सौदे की राशि में अन्य का हिस्सा भी है। मुझे सौदा कर के पैसे के बदले किसी के हवाले करने का जिम्मा मिला है।

पैसों की मांग पर शक होने पर मैने अपने अकाउंट पर इसके बारे में ट्वीट कर दिया तो बलिया एसपी के पीआरओ ने संपर्क कर मामले की जानकारी ली और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उस प्राइवेट अस्पताल की एक महिला और एक पुरुष कर्मी को पकड़ कर पूछताछ की जा रही है। जिस प्रसूता का बच्चा है उसकी और भर्ती कराने वाले की तलाश की जा रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।