वाराणसी में संचालित ट्रस्टों के बंद पड़े अस्पतालों को बनाया जाएगा नान कोविड हॉस्पिटल : मंत्री नीलकंठ तिवारी

वाराणसी। वैश्विक महामारी कोरोना धीरे-धीरे वाराणसी जनपद में वृहद् रूप ले रही है। जनपद में अभी तक 3148 कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ मिल चुके हैं और इस समय 1838 एक्टिव मरीज़ शहर के विभिन्न हॉस्पिटलों में आइसोलेट हैं। ऐसे में अस्पतालों में बेड की कमी कभी भी आ सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए वाराणसी के विभिन्न ट्रस्टों के द्वारा संचालित जनपद के लगभग एक दर्जन से अधिक बंद पड़े अस्पतालों को नान कोविड के अस्पताल रूप में संचालित किये जाने का सुझाव मंत्री नीलकंठ तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी के सुझाव पर सहमति व्यक्त करते हुए ट्रस्टों के बंद पड़े अस्पतालों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराकर नान कोविड अस्पताल के रूप में शुरू कराए जाने के बाबत प्रस्ताव उपलब्ध कराने का निर्देश दे दिया है। इस सम्बन्ध में मंत्री नीलकंठ तिवारी ने बताया कि कोविड वैश्विक महामारी के दौरान अन्य रोगों से पीड़ित मरीजों को ट्रस्टों के द्वारा संचालित इन अस्पतालों के शुरू हो जाने से निश्चित रूप से बेहतर इलाज मिल सकेगा।

मंत्री डॉक्टर नीलकंठ बताया कि वाराणसी जनपद में मारवाड़ी, सेवा सदन, बिड़ला, आनंदमयी, मेहता एवं रामकृष्ण मिशन सहित लगभग एक दर्जन से अधिक चिकित्सालय विभिन्न ट्रस्टों द्वारा संचालित किए जाते हैं। वर्तमान में रामकृष्ण मिशन एवं आनंदमयी चिकित्सालय के अलावा विभिन्न ट्रस्टों द्वारा संचालित अन्य चिकित्सालय बंद पड़े, जबकि इन चिकित्सालय के पास चिकित्सकीय इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। यदि इन चिकित्सालय को नान कोविड के रूप में शुरू करा दिया जाए तो अन्य रोगों से पीड़ित मरीजों को चिकित्सकीय लाभ प्राप्त करने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी और वर्तमान दौर में यह व्यवस्था मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा से फोन पर इन अस्पतालों की सूची तैयार कर इन्हें तत्काल संचालित किए जाने के संबंध में इनके ट्रस्टियों एवं प्रबंधकों से वार्ता करने को कहा है। पर्यटन मंत्री डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने बताया कि वे स्वयं भी शीघ्र ही इन अस्पतालों के ट्रस्टियों एवं प्रबंधकों के साथ अस्पतालों का संचालन शुरू करने के संबंध में बैठक करेगें। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि इन अस्पतालों के संचालन में आ रही परेशानियों का समाधान कराते हुए शीघ्र ही इनका संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा। ताकि आवश्यकतानुसार लोगों को सुगमता के साथ चिकित्सकीय सुविधा प्राप्त हो।