फुलवरिया फोर लेन निर्माण की कवायद तेज, ध्वस्तीकरण के लिये पहुंचे अफसर, मकान मालिकों ने किया विरोध

वाराणसी। शिवपुर फुलवरिया फोरलेन मार्ग निकालने के लिए प्रशासन पुरी तैयारी में जुटी है, इसके लिए प्रशासन ने फुलवरिया फोरलेन निर्माण में आने वाले अतिक्रमण किये हुए 55 मकानों का मुल्यांकन पीडब्ल्यूडी द्वारा करवा कर उन सभी मकान मालिकों को उसका मुआवजा भी दिया जा रहा है। रास्ते में पड़ने वाले मकानों के ध्वस्तिकरण की कार्रवाई के लिए जब गुरुवार को अमला पहुंचा तो इलाके में तनाव और विरोध के स्वर भी उठने लगे।

इस संबंध में एसडीएम सदर महेंद्र कुमार श्रिवास्तव ने बताया कि मुआवजे की बात और सहमती के लिए अपर जिलाधिकारी से तीन राउंड की वार्ता भी हो चुकी है, जिसमें मुआवजा सूची भी लोगों को पढ़ कर सुनाई जा चुकी है और लोगों को इसकी कॉपी भी दी जा चुकी है।

इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने हमें एक पत्र लिखा था कि हमे यहां कब्जा दिलाने के लिए पुलिस की व्वस्था करा दी जाये। इसी के संदर्भ में आज हमलोग यहां पहुंचे हैं। मकान मालिकों के विरोध पर एसडीएम सदर ने कहा कि मुआवजा पूरी तरह से तैयार है और सारी कानूनी कार्रवाई करने के बाद ही आगे का कोई भी कार्य किया जाता है।

एसडीएम सदर ने बताया कि यह जमीन डिफेंस की है इसलिए जमीन का मुआवजा नहीं दिया जा सकता मकान मालिकों को सिर्फ मकान की जो लागत है उसका मुल्यांकन करा कर वो दिया जा रहा है और जिन लोगों के पास इसके अलावा कोई मकान रहने को नहीं है उन्हें मकान भी उपलब्ध करा दिया जाएगा।

 

वहीं इस संबंध में स्थानीय मकान मालिकों का कहना है कि हम लोगों ने फोरलेन निर्माण पर पहले से ही हाईकोर्ट से स्टे लिया है और पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी किया गया मुआवजा मंजूर नहीं है क्योंकि आज के समय में दो ढाई लाख रुपये में कहीं भी मकान या जमीन नहीं मिल सकता। आवास देने के बात पर लोगों ने कहा कि प्रशासन बिना रजिस्ट्री के ही नये जगह शिफ्ट करेगी। शिफ्ट करने के 1 2 महीने बाद अगर मकान खाली करवा दिया गया तो हम कहा जाएंगे।

फोरलेन निर्माण का विरोध कर रहे मकान मालिकों का कहना है कि हमारे पास इन मकानों के खतौनी और सभी कानूनी कागजात हैं। जब तक हाईकोर्ट का फैसला नहीं आ जाता हम मकान खाली नहीं करेंगे। फिलहाल प्रशासन ने लोगों को घर खाली करने के लिए दो दिन का समय दिया है।