बकरीद पर्व के पहले जमीयत उलमा ए बनारस ने की मुस्लिम भाइयों से अपील, ऐसे निभाएं कुर्बानी का फ़र्ज़

Lockdown me Namaz File Image

वाराणसी। वैश्विक महामारी कोरोना काल में बकरीद का पवित्र पर्व आगामी 1 अगस्त को मनाया जाएगा। इस पर्व के पहले जिला प्रशासन ने सभी थानों पर पीस कमेटी की इमिटिंग के साथ ही गाइडलाइन जारी की है। ऐसे में एक बार फिर शहर में अमन कायम रखने के लिए जमीयत उलमा ए बनारस ने मुस्लिम भाइयों से अपील करते हुए एक पोस्टर जारी किया है।

जमीयत उलमा ए बनारस की तरफ से जारी इस अपील में कहा गया है कि कोरोना की वजह से हमारे देश में हालात बढ़ से बदतर होते जा रहे हैं। इस बिमारी से बचाव के लिए भारत सरकार, प्रादेशिक सरकारों और स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विभिन्न प्रकार के सुरक्षात्मक उपाय अपनाए जा रहे हैं।

विशेष रूप से हमारे प्रदेश में मांगों के बावजूद मस्जिदों की सामूहिक नमाज़ में नमाज़ियों की संख्या को पांच व्यक्तियों तक ही सिमित रखा गया है। ऐसे हालात में आने वाली ईद-उल-अज़हा के सिलसिले में जमीयत उलमा ए बनारस की तरफ से मुसलामानों से अपील की जाती है कि

1 – जिस तरह से हमने गुज़श्ता ईद-उल-फ़ित्र की नमाज़ अपने घरों में उलमा ए किराम के दिशा निर्देशन में अदा की थी वैसे ही ईद-उल-अज़हा की नमाज़ भी घर पर अदा करें।

2 – कुर्बानी एक अज़ीम इबादत है अतः इसे सिर्फ अल्लाह की रज़ा के लिए करें दिखाएव के लिए नहीं। कुर्बानी का वीडियो या फोटो सोशल मीडिया पर शेयर न करें या गुनाह का काम है। इससे दूर रहे।

3 – कुर्बानी खुली जगह या रस्ते में बिलकुल और इस पूरे अमल में साफ़-सफाई का पूरी तरह से विशेष रूप से ध्यान दें.

4 – कुर्बानी के बाद अवशेषों को किसी थैले में बंद करके नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थान या कोड़ा उठाने वाली गाड़ी में ही फेंके।

5 – कुर्बानी करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पूर्ण रूप से पालन करें।

6 – कुर्बानी का गोश्त लाने ले जाने में इस बात का विशेष ध्यान दें की वह पूरी तरह से ढका हुआ हो।

7 – समाज की वर्तमान आर्थिक स्थिति के मद्देनज़र हम इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें कि हमारा कोई रिश्तेदार या पड़ोसी इस ख़ुशी के दिन कुर्बानी के गोश्त से महरूम रह जाए।

8 – वर्तमान परिदृश्य में हम हर मौके पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की तरह से जारी गाइडलाइन का पूर्ण पालन करें।