नागपंचमी विशेष : काशी का अद्भुत करकोटक नागेश्वर महादेव मंदिर, जिसका पाताललोक से है सम्बन्ध

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में पुराणों और वेदों में वर्णित बातों का जैसे साक्षात वर्णन होता है। ऐसा ही एक वर्णन है काशी के नाग कुएं का जिसके दर्शन के लिए लोग आज यानी नागपंचमी के दिन उमड़ पड़ते हैं। कोरोना काल में इस वर्ष नागकुऍं का दर्शन प्रतिबंधित किया गया है। इस नाग कुएं के दर्शन मात्र से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है तो कहा जाता है कि इसका रास्ता सीधे नागलोक से होता हुआ पाताललोक तक जाता है। इस नागपंचमी पेश है महर्षि पतंजलि की तपोस्थली नाग कूप यानी करकोटक नागेश्वर महादेव मंदिर से विशेष रिपोर्ट।

जैतपुरा में स्थित है नाग कूप
उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी और शाश्वत नगर कहे जाने वाले काशी में धार्मिक रहस्यों की कमी नहीं है। यहां के नवापुरा में एक कुआं है, जिसके बारे में लोगों की मान्‍यता है कि इसकी अथाह गहराई पाताल और नागलोक तक जाती है। प्रचलित रूप में इसे करकोटक नाग तीर्थ के नाम से जाना जाता है। यहां के लोग बताते हैं कि यहां स्थित कूप (कुएं) की गहराई कितनी है, इस बात की जानकारी किसी को भी नहीं। हिन्दू धर्मशास्‍त्रों में वर्णन मिलता है कि इस कुएं के दर्शन मात्र से ही नागदंश के भय से मुक्‍ति मिल जाती है।

महर्षि पतंजलि ने की थी स्थापना
नाग कूप की महत्ता के बारे में मंदिर के पुजारी आचार्य कुंदन ने बताया कियह कुआं 70 फीट गहरा है। इतिहास में ऐसा वर्णित है कि यह कुआं 70 फीट गहरा है और इसमें पांच अलग-अलग तल हैं। आज तक हम सभी लोगों ने सिर्फ एक तल को ही देखा है। आचार्य कुंदन ने बताया कि इसी स्‍थान पर महर्षि पतंजलि ने पतंजलिसूत्र और व्याकरणाचार्य पाणिनी जो की पतंजलि जी के गुरु थे ने महाभाष्य की रचना की थी। आचार्य कुंदन ने बताया कि इस कूप की तली में महर्षि पतंजलि ने भगवान् शिव के शिवलिंग की स्थापना की है।

नागदोष से मिलती है मुक्ति
यहां के बारे में अनेक लोगों का मानना है कि इस कुएं के जल से स्नान और पूजा मात्र से ही पापों का नाश हो जाता है और नागदोष से मुक्ति मिल जाती है। कहते हैं कि पूरी दुनिया में कालसर्प दोष की पूजा सिर्फ तीन जगह ही होती हैं और उसमें यह तीर्थ प्रथम है। उल्लेखनीय है कि यहां भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है। भगवान शिव की पूजा यहां नागेश के रूप में होती है। यही कारण है कि यह मंदिर करकोटक नागेश्वर के नाम से प्रसिद्ध है।

फेसबुक पेज पर करें लाइव दर्शन
वैश्विक महामारी कोरोना काल में यह नाग तीर्थ आज आम श्रद्धालुओं के लिए बंद है। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि आप उसके फेसबुक पेज पर जाकर लाइव दर्शन करें। कुछ श्रद्धालु आज नाग कूप के गेट पर भी पहुंचे और वहां लावा और दूध चढ़ाया इस दौरान पुलिस उन्हें वहां से हटाती भी दिखी।

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