वाराणसी की इस संस्था की जागरूकता से बलिया में दबोचे गए नवजात के सौदागर

वाराणसी। समाज आज उस दौर में आ चुका है जहां एक बिन मां के नवजात के पालन पोषण और उसे गोद लेने के लिए अस्पताल के कर्मचारियों द्वारा पैसों की मांग की जा रही है। मामला बलिया के नर्सिंग होम का है। वाराणसी में साधना फाउंडेशन संस्था के संस्थापक सचिव सौरभ मौर्य ने बताया कि उनके एक ग्रुप में बच्ची को गोद लेने के लिए मैसेज आये जिसपर बात करने पर अस्पताल कर्मियों 50 हजार की मांग कर डाली। जिसपर उन्होंने बलिया पुलिस को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी तो बलिया पुलिस ने पूरे मामले को संज्ञान मे लेते हुए महिला कर्मी समेत दो को गिरफ्तार कर लिया।

सौरभ मौर्य ने बताया कि संस्था दस वर्षों से रक्तदान की दिशा में कार्य कर रही है। संस्था का हर जिले में वाह्ट्सएप ग्रुप बना है। बलिया ग्रुप में नवजात के बारे में पता चलने पर संपर्क किया गया। क्योंकि संस्था के ही एक सदस्य को कई वर्षों से बच्चा नहीं हुआ था तो उन्होंने बच्चा गोद लेने की बात कही थी। नंबर मिलाने पर कर्मचारी से बात हुई तो उधर से पैसे की मांग करने लगे, जिसे मैंने मोबाइल मे रिकॉर्ड कर लिया था।

उन्होंने बताया कि अस्पताल जाकर पता करने पर संस्था के पदाधिकारी मित्र से नवजात बच्चों के सौदागर ने यह भी कहा कि यह बच्ची एक दंपत्ति को दे दी गई है, यानि बिक चुकी है। कुछ दिनों में दूसरा बच्चा आने पर आपको संपर्क किया जाएगा। लेन देन की बात पर उस व्यक्ति ने बताया कि सौदे की राशि में अन्य का हिस्सा भी है। मुझे सौदा कर के पैसे के बदले किसी के हवाले करने का जिम्मा मिला है।

पैसों की मांग पर शक होने पर मैने अपने अकाउंट पर इसके बारे में ट्वीट कर दिया तो बलिया एसपी के पीआरओ ने संपर्क कर मामले की जानकारी ली और दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उस प्राइवेट अस्पताल की एक महिला और एक पुरुष कर्मी को पकड़ कर पूछताछ की जा रही है। जिस प्रसूता का बच्चा है उसकी और भर्ती कराने वाले की तलाश की जा रही है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।