राफेल के स्वागत में PM ने किया संस्कृत में ट्वीट, राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्

welcome Rafael (3)

फ्रांस की एरोस्पेस कंपनी दसाल्ट एविएशन ने सोमवार को भारतीय वायु सेना के बहुप्रतिक्षित राफेल लड़ाकू विमान की पहली खेप भारत के लिए रवाना की थी। ये 5 राफेल विमान आज दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर अम्बाला एयर बेस पर उतरे तो पूरे भारत में जश्न शुरू हो गया। इस जश्न में देश के प्रधानमंत्री भी शामिल हुए और उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से संस्कृत में ट्वीट किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत में ट्वीट कर कहा, राष्ट्ररक्षासमं पुण्यं, राष्ट्ररक्षासमं व्रतम्, राष्ट्ररक्षासमं यज्ञो, दृष्टो नैव च नैव च नभः स्पृशं दीप्तम स्वागतम्!, यानि राष्ट्र रक्षा से बढ़कर न कोई पुण्य है, न कोई व्रत है, न कोई यज्ञ है।

राफेल विमानों को दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। फ्रांस के बोरदु शहर में स्थित मेरिगनेक एयरबेस से 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करके ये विमान आज दोपहर हरियाणा में स्थिति अंबाला एयरबेस पर उतरे हैं।

राफेल विमानों के भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद दो सुखोई 30 MKI विमानों ने उनकी आगवानी की और उनके साथ उड़ते हुए अंबाला तक आए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस मौके पर ट्वीट किया है और लिखा है कि बर्ड्स सुरक्षित उतर गए हैं। वायुसेना में लड़ाकू विमानों को बर्ड (चिड़िया) कहा जाता है। उन्होंने आगे लिखा कि राफेल लड़ाकू विमानों का भारत पहुंचना हमारे सैन्य इतिहास के नये अध्याय की शुरुआत है. ये बहुद्देशीय विमान भारतीय वायुसेना की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि करेंगे।

 

मोदी सरकार ने 23 सितंबर, 2016 को फ्रांस की एरोस्पेस कंपनी दसाल्ट एविएशन के साथ 36 लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था।