‘सर्दी जुकाम डॉट कॉम’ बढ़ाएगा लोगों का मनोबल, बदलेगी मरीजों की मनोदशा – प्रोफ़ेसर विजयनाथ मिश्र

वाराणसी। कोरोना मरीजों के मनोबल को बढ़ाने और उन्हें सकारात्मक रखने के लिए काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के न्यूरोलॉजी विभाग के प्रोफेसर व पूर्व एमएस प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने सराहनीय कदम उठाया है। विभाग के सेमिनार हॉल में कोरोना से स्व. रस शास्त्र विभाग से सेवानिवृत्त आचार्य प्रो. एस के दीक्षित की याद में आयोजित कार्यक्रम में “सर्दी जुकाम डॉट कॉम” नामक वेबसाइट का लोकार्पण न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आरएन चौरसिया ने किया।

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने कहा कि भारत पहली बार कोई महामारी नहीं देख रहा इसके पहले भी तमाम महामारियों ने विकराल रूप लिया है। कोरोना के संकटकाल में सुखद यह है कि मृत्यु दर अन्य देशों की अपेक्षा बहुत कम है। लेकिन कोरोना को लेकर भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि हमें अपने आत्मविश्वास को मजबूत रखना है। बचाव जरुरी है डरने की कोई आवश्यकता नहीं है।

वेबसाइट है बेहद खास

प्रोफेसर मिश्र ने बताया कि इस वेबसाइट की खासियत यह है कि यह आपको बताएगा कि आप किसी कोरोना वायरस संक्रमित शख्स के चपेट में तो नही आए। इसके अलावा इसमें आप यह भी पता लगा सकते है कि आपको इस संक्रमण से कितना खतरा है। बेहद मशहूर पंक्ति “वक़्त ही तो है ,गुजर जाएगा” वेबसाइट खुलते ही यह एक सकारात्मक सोच की ओर इंकित करेगा। प्रो. मिश्र बताते है कि हर चौथा आदमी जरा सी छींक जुखाम हुआ नही की खुद को कोविड मरीज समझ ले रहा,जबकि यह गलत है। इसी संशय में लोग डिप्रेशन व तनाव के शिकार हो रहे। ऐसे में यह वेबसाइट बेहद ख़ास है, उनके लिए भी जो कोविड पॉजिटिव मरीज है और उन्हें भी जो निगेटिव मरीज है।

इस मोबाइल वेबसाइट की खासियत यह है कि खुलते ही आप रजिस्टर करेंगे वैसे ही दाहिने हांथ की ओर पोस्टिव मरीज का व्यू खुलेगा। उसमे उन्हें इस वेबसाइट के जरिए अपनी रिपोर्ट दिखाने व चौदह दिन क्वारंटीन में कैसे रहना है, कौन कौन से व्यायाम करने है, उसे इन चौदह दिन खुद को कैसे अपने मनोदशा को बदलना है ये सभी कार्य ये मोबाइल ऐप बताएगा।

 

जागरुक फिल्मोें सहित प्रेरणास्त्रोत कहानियां भी मिलेंगी

वहीं बाए हाथ की ओर निगेटिव जिसमे दोनों ही के लक्षण व उपाय बताए जा रहे। इतना ही नहीं इसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण, पूरे विश्व का कोविड मीटर, विभिन्न जागरूकता फिल्मों के लिंक, प्रेरणास्रोत गाने, आयुर्वेदिक काढ़ा, अच्छी प्रेरणास्त्रोत कहानियां सुनने को मिलेगा, जिससे आपका मन सदैव सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहे और आप कोविड-19 से डर कर नही डट कर सामना करें।

इस दौरान बीएचयू आईसीयू का कामकाज देख रहे डॉ विक्रम ने कहा कि कोरोना मरीज के परिजन यह समझ रहे हैं कि आईसीयू में आने का मतलब निधन है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। आईसीयू से हर रोज स्वास्थ्य होकर मरीज बाहर भी जा रहे हैं। बस जरुरी है वृद्धों और बच्चों के विशेष देखभाल की।

जितना हमें दो गज की दूरी है जरूरी उतना ही मास्क लगाना भी है जरूरी। आप जब भी कहीं बाहर से आए तुरंत अपने हाथों को अच्छे तरह से साबुन पानी से धोएं। जब हम सुरक्षित रहेंगे तभी देश सुरक्षित रहेगा। कार्यक्रम में डॉ शशिप्रकाश मिश्र, डॉ वरुण पाठक, डॉ आनंद सिंह, प्रो. डॉ रामेश्वरनाथ चौरसिया, विनीता सिंह, शैलेश तिवारी, डॉ सर्वेश समेत अन्य लोग उपस्थित रहें।