इस बार रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि सहित पांच सुखद संयोग

इस बार रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि सहित पांच सुखद संयोग बन रहे हैं। इसमें सुबह 9.28 बजे तक भद्रा : दिन में दो बार खास मुर्हूत। अपरान्ह 1.35 बजे से शाम 4. 35 बजे, शाम 7.30 बजे से रात 9.30 बजे के बीच बहनें बाध सकेगी रक्षासूत्र।

पूर्णिमा तिथि आज देर शाम 8. 43 बजे से लग जायेगी। सनातन परम्परा में उदयाकाल में ही त्यौहार मनाया जाता है। ऐसे में सुबह 9.28 बजे तक भद्रा काल के बाद बहनें भाइयों के कलाई पर रक्षासूत्र बांध सकती हैं।

रक्षा बंधन के दिन अपराह्न में ही बहनों को राखी बांधनी चाहिए। अगर अपराह्न समय न हो तो प्रदोष काल में राखी बांधनी चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार, रावण की बहन ने भद्रा काल में उसे राखी बांधी थी, जिस से रावण का विनाश हो गया था।