केजी टू पीजी के फीस माफी के लिए समाजवादियों ने शहर में लगाएं बैनर, सरकार से की अपील

वाराणसी। कोरोना काल में पिछले चार महीनों से स्कूल कॉलेज बंद होने से छात्रों के पढ़ाई पर तो काफी असर पड़ ही रहा है। छात्रों के अभिभावक भी इससे काफी परेशान हैं, परेशान सिर्फ पढ़ाई रुकने से नहीं बल्कि स्कूल कॉलेज बंद होने के बाद भी कई शिक्षण संस्थाएं वर्तमान सत्र की फीस का भुगतान मांग रही हैं। अभिभावकों और छात्रों के इस परेशानी को देखते हुए अब समाजवादी पार्टी ने वर्तमान सरकार से केजी टू पीजी तक के फीस माफ करने की मांग उठाई है और शहर के मंडुआडीह थाना अंतर्गत चांदपुर चौराहे के पास फीस माफी के बड़े-बड़े बैनर भी लगा दिये हैं।

इस संबंध में समाजवादी छात्रसभा के निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देश पर समाजवादी छात्रसभा लगातार केजी से पीजी तक की कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सम्पूर्ण फीस माफी के लिए आवाज बुलंद कर रही है। इसी क्रम में समाजवादी छात्रसभा से जुड़े तमाम छात्र-नौजवानों एवं पदाधिकारियों द्वारा उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों की मुख्य जगहों पर होर्डिंग्स लगाकर सरकार के फीस सम्बन्धी फैसले का विरोध करेंगे। इसके बावजूद भी यदि उत्तर प्रदेश सरकार अपने इस फैसले को वापस नहीं लेती है तो मजबूरन समाजवादी छात्रसभा लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को धार देने का काम करेगी।

समाजवादी छात्र सभा के जिला अधयक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार कोविड-19 की वजह से उत्पन्न छात्र-छात्राओं की समस्याओं के समाधान के लिए संघर्षरत है। समाजवादी छात्रसभा का मानना है कि कोरोना महामारी के दौरान विभिन्न शिक्षण संस्थानों की संपूर्ण व्यवस्था बाधित रही है। लोगों का आर्थिक एवं सामाजिक जीवन अस्त-व्यस्त हुआ है। खासकर देश के मध्यम एवं निम्न वर्गों की आर्थिक व्यवस्था चौपट हुई है।

अभिषेक मिश्रा ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण प्रारंभिक कक्षाओं से लेकर उच्च स्तर तक की कक्षाओं का संचालन पूर्णतयः बन्द है। छात्र-छात्राएं घरों के अंदर बंद है जिसका गंभीर दुष्प्रभाव उनके शैक्षणिक सत्र पर पड़ रहा है। ऑनलाइन शिक्षण कार्य भी तकनीकी कठिनाइयों के कारण उपयोगी नहीं साबित हुआ है। अभी भी कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के बजाय लगातार बढ़ता जा रहा है, ऐसे में शिक्षण संस्थाओं के बंद होते हुए भी छात्र-छात्राओं से वर्तमान सत्र एवं छात्रावास की फीस का भुगतान संबंधी आदेश संवेदनहीन एवं अमानवीय है।

सपाइयों ने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जहां एक तरफ प्रदेश व देश की जनता अपनी व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रही है वहीं दूसरी तरफ सरकार और शिक्षण संस्थानों के ऐसे अमानवीय आदेश उनके ऊपर कहर बनकर टूट रहे हैं। सबका साथ और सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा सरकार कोरोनावायरस को भी अवसर के रूप में इस्तेमाल कर रही है।