महामारी में लापरवाही बरतने वाले बनारस के पांच अफसरों पर DM का पारा हाई, कारण बताओ नोटि‍स जारी

DM strict against criminals ordered to confiscate property of criminals

वाराणसी। जनपद में लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉज़िटिव मरीज़ों की संख्या के बाद भी लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर जिलाधिकारी की भृकुटी टेढ़ी हो गयी है। गुरुवार को जि‍लाधि‍कारी ने जनपद के चार अधि‍कारि‍यों को कारण बताओ नोटि‍स जारी कर दि‍या है।

इनमें कोविड एल 2 हॉस्पिटल पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, दो अपर मुख्य चिकित्साधि‍कारी और प्राथमि‍क स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के एक सुप्रीटेंडेंट के अलावा जि‍ले के सहायक संभागीय परि‍वहन अधि‍कारी को लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी कि‍या गया है।

जिलाधिकारी ने पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय राजकीय चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ वी सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि इस अस्पताल को महामारी एवं उसके संक्रमण के बचाव के लिए कोविड एल 2 सेंटर घोषित किया गया है। आप को पहले से ही निर्देशित किया गया है कि उक्त सेंटर पर नियमित रूप से डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा मरीज़ों की चेकिंग, देखभाल की जाए तथा वार्ड एवं शौचालयों की समुचित सफाई व्यवस्था नियमित रूप से सुनिश्चित कराई जाए ताकि मरीज़ों को कोई असुविधा न हो सके।

उसके बावजूद अस्पताल परिसर में सीवर लाइन लगभग दस दिनों से टूटी हुई है जिसकी मरम्मत कराने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को पूर्व में निर्देशित किया जा चुका है लेकिन उसकी मरम्मत अभी तक नहीं कराई गयी है, जिसके कारण प्राइवेट वार्ड में मौजूद दस बेडों का अस्पताल के मरीज़ों द्वारा उपयोग नहीं हो पा रहा है, जबकि नित्य नए मरीज़ सामने आ रहे हैं बेड और हॉस्पिटल की संख्या बढ़ानी पड़ रही है।

जिलाधिकारी कार्यालय से जारी निर्देश के क्रम में कहा गया है कि इससे यह साफ़ दिखाई देता है कि आप ने इस सम्बन्ध में घोर लापरवाही की है जिससे शासन एवं प्रशासन की छवि धूमिल हो रही है। इसलिए जिलाधिकारी ने इस लापरवाही पर मुख्य चिकित्साधिक्षक डॉ वी सिंह से जवाबा माँगा है।

वहीं इस मामले में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एके मौर्या से भी जवाब जिलाधिकारी ने माँगा है क्योंकि उनके द्वारा सभी कोविड अस्पतालों के अधिकारियों से मिलकर समस्या का समाधान करने की ज़िम्मेदारी थी।

इसके अलावा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ एके मौर्या जो की जनपद के कोविड चिकित्सालयों के नोडल अधिकारी हैं। उन्हें भी जिलाधिकारी ने सेंट मेरी चिकित्सालय कोरौता के आइसोलेशन सेंटर के आइसोलेशन सेंटर में नियमित रूप से मरीज़ों को खान पान तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, मरीज़ों को असुविधा एवं चयनित कैटर्स से खाना न उपलब्ध करवाने के एवज़ में जवाब तलब किया है।

सेंट मेरी चिकित्सालय कोरौता के सम्बन्ध में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिसिरपुर के अधीक्षक डॉ ओपी शुक्ला से भी जवाब तलब किया है। जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस में लिखा है कि इस आइसोलेशन में सेंटर में समस्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराये जाने के लिए आप को प्रभारी नामित किया गया है। अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने 21 जुलाई को निरिक्षण किया तो पाया कि आप द्वारा यहाँ कोई भी व्यवस्था नहीं की गयी है जिसके कारण मरीज़ों को असुविधा हो रही है। यहाँ भोजन विलम्ब से मिल रहा है, पानी नहीं है। साबुन, तौलिया और सेनिटाइज़र नहीं मिल रहा है जो की घोर लापरवाही है इसलिए आप से इस सम्बद्ध में दो दिन में कारण बताने के लिए नोटिस दी गयी है।

वहीं जि‍ले के सहायक संभागीय परि‍वहन अधि‍कारी को भी डीएम ने कारण बताओ नोटि‍स जारी कि‍या है। नोटि‍स के अनुसार सहायक संभागीय परि‍वहन अधि‍कारी को वाराणसी के 13 थानाक्षेत्रो में से 39 एंबुलेंस को कोवि‍ड-19 के लि‍ये अधिग्रहि‍त करना था, लेकि‍न उनकी ओर से केवल 19 एंबुलेंस ही अधि‍ग्रहि‍त की गयीं।

डीएम ने इन सभी अधि‍कारि‍यों से पूछा है कि‍ उनकी शि‍थि‍लता के कारण क्‍यों न उनके खि‍लाफ चार्जशीट भेजी जाए।