बुलेट राजाओं के खिलाफ अभियान को परिजनों ने भी सराहा, बोले – जो काम हम न कर सके पुलिस ने कर दिखाया

The family also praised the campaign against Bullet Kings, saying - the police did what we could not do (5)

वाराणसी। बनारसी अपने भौकाल के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उनकी हर चीज़ से उनका भौकाल जुड़ा होता है। ऐसा ही भौकाल आज कल बनारसी युवा अपनी बुलेट मोटरसाइकिल से भी दिखाते हैं। कानफोड़ू, तोप की तरह आवाज़ निकालने वाले साइलेंसर लगाकर सड़कों पर फर्राटा भरते थे, लेकिन एसएसपी वाराणसी के निर्देश के क्रम में एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह की स्पेशल 6 की टीम शहर के सभी चौराहों पर इस भौकाल पर अंकुश लगा रही है। आंकड़ों की माने तो अभी तक 250 से अधिक बुलेट मोटरसाइकिल मोडिफाई साइलेंसर की वजह से पुलिस लाइन में खड़ी है।

आखिर यह नियम एकाएक अमल में क्यों लाया गया और इतनी संख्या में ये बुलेट मोटरसाइकिल सीज़ या चालान क्यों की गयी। इन सब सवालों पर से पर्दा हटाया एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह ने, हमारे संवददाता ने एसपी ट्रैफिक से ख़ास बीतचीत की। पेह है इस ख़ास बातचीत के प्रमुख अंश।

कानफोड़ू आवाज़ पर एसएसपी हैं सख्त
एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित पाठक ने जिस दिन वाराणसी में कार्यभार संभाला उसी दिन पहली ही मीटिंग में बुलेट मोटरसाइकिल में लगने वाले कानफोड़ू साइलेंसर के विरुद्ध करवाई करने की बात कही थी। इसके बाद जब हम रात में सड़क पर निरीक्षण को निकले तो कई तेज़ आवाज़ की बुलेट हमारे पास गुज़र गयीं। इसपर एसएसपी अमित पाठक ने सख्त अभियान चलाने के आदेश दिए।

स्पेशल 6 टीम कर रही कार्रवाई
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि इसके लिए हमने विशेष अभियान शुरू किया और स्पेशल 6 टीम गठित की गयी और दस दस सिपाही पूरे शहर में इस ख़ास अभियान के लिए लगा दिये गये। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि जब हमने कार्रवाई शुरू कि तो बुलेट चलाने वाले मान मनव्वल भी करते दिखे पर सभी से यही कहा गया कि आप ने जो साइलेंसर निकलवाकर घरों में रखे हैं उन्हें लाइए और इस साइलेंसर को पुलिसलाइन में छोड़कर उसे लगवाकर वापस जाइये। 5 दिनों में लगभग 250 बुलेट मोटरसाइकिल पुलिस लाइन में सीज़ कर रखी गयी है।

परिजन कर रहे हैं तारीफ़
एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान को चलाने और गाड़ियों के सीज़ होने के बाद कई युवा अपने परिजनों के साथ पुलिस लाइन पहुंचे। इस दौरान परिजनों ने मुझसे मुलाक़ात कर इस कार्य को सराहानीय करार दिया और कहा कि जिस काम को हम नहीं कर पाए उसे आप के अभियान ने कर दिया।

आरटीओ के साथ करेंगे मीटिंग
एसपी ट्रैफिक से जब लाइव वीएनएस संवाददाता ने पूछा कि इस तरह के साइलेंसर बेचने और लगाने वालों के लिए क्या कार्रवाई की जायेगी तो उन्होंने बताया कि हमने आरटीओ से इस सम्बन्ध में कार्रवाई की बात की है और आज उनके सतह मीटिंग भी करने वाला हूँ, पर जब कोई इस्तेमाल ही नहीं करेगा तो ये लोग इसे लगना और दुकानों पर रखना ही छोड़ देंगे।

जनपद में 100 प्रतिशत हेलमेट अभियान की ओर अग्रसर
एसपी ट्रैफिक ने हँसते हुए कहा कि जब मै यहाँ आया था और मैंने पिछले साल से सख्ती शुरू की थी तो लोगों ने कहा कि ये शहर बनारस है और यहाँ लोग अपने अंदाज़ में जीते हैं। इसपर मैंने कहा था कि अंदाज़ में जीना अच्छी बात है लेकिन रूल तो फॉलो करना ही होगा। जून 2019 में 5 प्रतिशत लोग हेलमेट लगाते थे, आज 98 प्रतिशत लोग हेलमेट लगा रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपनी सुरक्षा का एहसास इस साल भर में हुआ है।

स्मार्ट सिटी योजना के साथ लोग करें रूल फॉलो
एसपी ट्रैफिक ने बताया कि आगे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत सभी चौराहों पर ट्रैफिक लाइट शुरू करवाना जो कि अभी 19 चौराहों पर शुरू है। साथ ही सभी चौराहों पर ज़ेब्रा लाइन के नियम को फॉलो करने की योजना के साथ सड़कों को सही करवाने की योजना है।

एसएसपी अमित पाठक और एसपी ट्रैफिक श्रवण कुमार सिंह के सरहानीय कदम से इस समय शहर में कानफाडू साइलेंसर वाले वाहनों की कमी देखी जा रही है। सिर्फ बुलेट ही नहीं अन्य स्पीडी बाइक में युवा कोई भी मोडिफिकेशन करवाने से सहमे हुए हैं।

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