कोविड अस्पतालों को बड़े अफसरों ने दी कड़ी हिदायत, तत्काल अस्पताल में शिफ्ट किये जाएं गंभीर पेशेंट, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

मुख्य बिंदु

  • कमिश्नरी सभागार में बनारस के नोडल अफसर अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ देवेश चतुर्वेदी ने की अफसरों संग बैठक।
  • अपर मुख्य सचिव चिकित्सा डॉ रजनीश दूबे ने भी अफसरों को दिये कड़े निर्देश।
  • कोविड मरीज को प्राथमिकता पर तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल में शिफ्ट किया जाए।
  • कोविड चिकित्सालयों में मरीज को भर्ती के दौरान कत्तई समय जाया न किया जाए।
  • वाराणसी जिले को जल्द मिलेगा दो एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस।
  • कोविड एवं नॉन कोविड अस्पतालों में सामंजस्य हो, ताकि किसी भी नान कोविड अस्पताल से रेफर मरीज आसानी से कोविड अस्पताल में भर्ती हो सके।
  • होम आइसोलेशन में रखे व्यक्ति के मेडिकल कंडीशन पर संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर व रैपिड रिस्पांस टीम लगातार नजर एवं निगरानी रखें।
  • इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • एल1,एल2 व एल3 स्तर के चिन्हित कोविड चिकित्सालयों में बेड, दवाये, वेंटिलेटर आदि संसाधनों पर नियमित निगरानी रखे जाय।
  • बीएचयू में प्लाज्मा थेरेपी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए।
  • 50 बेड से अधिक के प्राइवेट नर्सिंग होम में फ्लू क्लीनिक संचालित कराए

वाराणसी। उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव कृषि तथा वाराणसी जनपद के नोडल अधिकारी डॉ देवेश चतुर्वेदी तथा अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे ने कोविड एवं नॉन कोविड अस्पतालों में विशेष सामंजस्य पर जोर दिया है। ताकि किसी भी नान कोविड अस्पताल से रेफर मरीज आसानी से कोविड अस्पताल में भर्ती हो सके।

उन्होंने कोविड सैंपलिग बढ़ाये जाने पर विशेष जोर देते हुए निर्देशित किया कि एंटीजन विधि से अधिक से अधिक लोगों की सैंपलिग सुनिश्चित कराई जाए। होम आइसोलेशन में रखे व्यक्ति के मेडिकल कंडीशन पर संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर व रैपिड रिस्पांस टीम लगातार नजर एवं निगरानी रखें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव कृषि तथा वाराणसी जनपद के नोडल अधिकारी डॉ देवेश चतुर्वेदी तथा अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे शनिवार को कमिश्नरी सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।

अधिकारी द्वय ने एल1,एल2 व एल3 स्तर के चिन्हित कोविड चिकित्सालयों में बेड, दवाये, वेंटिलेटर आदि संसाधनों पर नियमित निगरानी रखे जाने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि बीएचयू में प्लाज्मा थेरेपी का अधिक से अधिक उपयोग किया जाए। उन्होंने विगत 5 से 15 जुलाई तक जनपद में चलाए गए विशेष सर्विलांस अभियान में खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ के खोजे गए सभी मरीजों का तत्काल सेम्पल सुनिश्चित कराए जाने का निर्देश दिया।

अधिकारी द्वय ने इस तरह का अभियान प्रत्येक एक सप्ताह के अंतराल पर नियमित रूप से चलाए जाने का निर्देश दिया। आगामी अभियान 29 जुलाई से चलाया जाएगा। वाराणसी शहर में सर्विलांस पर अधिक से अधिक ध्यान दिया जाए, इसलिए प्रत्येक वार्ड में 10 सर्विलांस टीम गठित करें। प्रत्येक टीम के साथ पल्स ऑक्सीमीटर अनिवार्य रूप से होना चाहिए। पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था नगर निगम द्वारा कराया जाएगा।

अधिकारी द्वय ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टेट ट्रैजिक बूथ बनाए जाने का निर्देश देते हुए कहां की यहां पर सैंपल कलेक्शन का कार्य सुनिश्चित हो। अधिक से अधिक लोगों के सैंपलिग हेतु एंटीजन किट की उपलब्धता सुनिश्चित कर लिया जाए इसकी नियमित उपलब्धता भी सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने 50 बेड से अधिक के प्राइवेट नर्सिंग होम में फ्लू क्लीनिक संचालित कराए जाने का निर्देश देते हुए ऐसे सभी प्राइवेट नर्सिंग होम का मोबाइल अथवा टेलीफोन नंबर कोविड कमांड कंट्रोल सेंटर में उपलब्ध रखे जाने पर विशेष जोर दिया।

अधिकारी द्वय ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि कोविड के जो गंभीर मरीज है, उन्हें प्राथमिकता पर तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल में शिफ्ट किया जाए व कोविड चिकित्सालयों में मरीज को भर्ती के दौरान कत्तई समय जाया न करते हुए तत्काल भर्ती कर मरीज का उपचार शुरू व सुनिश्चित किया जाए।

इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर दोषी व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारी द्वय ने बताया कि वाराणसी जनपद को शासन स्तर से दो एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस शीघ्र ही उपलब्ध करा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन एवं चिकित्सा व्यवस्था है। इस दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल एवं जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जनपद में कोविड वैश्विक महामारी से निपटने हेतु किए गए तैयारी तथा अब तक सुनिश्चित कराए गए चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में विस्तार से अवगत कराया।

बैठक में सर सुंदरलाल चिकित्सालय बीएचयू के एस के माथुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय तथा ईएसआई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डीएलडब्ल्यू के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हेरिटेज मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि सहित अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।