वाराणसी पुलिस ने किया ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा, हुई थी लगातार तीन हत्याएं, 6 अभियुक्त गिरफ्तार

वाराणसी। सुमित श्रीवास्तव नामक व्यक्ति के अपहरण का मुकदमा 23 नवम्बर 2019 को मंडुआडीह थाने में दर्ज हुआ था, जिसके बाद उसकी लाश राजगढ़ के जंगल में मिली थी। इसपर पुलिस ने रोहनिया थाने हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरु कर दी। इसके कुछ ही दिन बाद सुमित के मित्र बृजेश और फिर उसके बाद राजू की लाश मिली। पुलिस की विवेचना में यह सामने आया था कि यह हत्या लोन के 5 लाख रुपये के लिए की जा रही है, जिसके बाद बृजेश के मोबाइल के IMEI को रन कराने के बाद हत्या का खुलासा हो सका।

इस सम्बन्ध में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि रोहनिया थाने में सुमित श्रीवास्तव के पहले अपहरण और बाद में हत्या का मुकदमा 14 नवंबर 2019 को दर्ज हुआ था। इस मामले में पुलिस टीम ने जब जांच की तो या तथ्य सामने आया कि सुमित श्रीवास्तव के खाते में पांच लाख का लोन पास हुआ था। इस बात की जानकारी पकडे गए अभियुक्तों में से एक नीलकंठ को हुई थी।

एसएसपी ने बताया कि नीलकंठ ने यह बात अभियुक्त अभिषेक जायसवाल को बताई और अभिषेक जायसवाल ने नीलकंठ से सुमित श्रीवास्तव को विकास पटेल के ट्यूबवेल पर लाने को कहा यहाँ पहले से सह अभियुक्त अभिषेक जायसवाल, राम विलास पटेल, पंकज पटेल, विकास पटेल, सौरभ, शशिकांत मौजूद थे। सभी ने मिलकर सुमित की हत्या की और लाश रामविलास की कार से राजगढ़ के जंगल में फेंक दी।

इसके बाद सुमित श्रीवास्तव के अकाउंट से पांच लाख रुपया राजू के खाते में वा राजू के खाते से बृजेश के खाते में पहुँच गया। इस बता की जानकारी जब पुलिस को हुई तो हमने बृजेश के घर दबिश दी पर उसके पहले अभियुक्त उसे बुलाकर बचाव ले गए और उसकी हत्या कर शव गंगा नदी में फेंक दिया। बृजेश की लाश 9 नवम्बर को बरामद हो गयी मृतक की पत्नी पुनिता ने 6 व्यक्तियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।

एसएसपी ने बताया कि ये बदमाश यहीं नहीं रुके इन्हे जब पता चला कि अब पैसे राजू के खाते में आगये हैं तो उन्होंने उससे वो पैसे सौरभ को देने को कहा जिसपर राजू ने पैसा नहीं दिया और पुलिस में शिकायत की बात कि इसके बाद सौरभ जो कि राजू का दोस्त था उसे बुलाकर उसी ट्यूबवेल पर ले गया जहाँ सुमित की हत्या की गयी थी और वहीँ उकसी भी हत्या का दी और उसकी भी लाश गंगा नदी में फेंक दी।

एसएसपी ने बताया कि इन तीनों हत्याओं के घटनाओं में मात्र 4,73,000 रुपये जो सुमित के खाते में लोन के आये थें उन्हीं को लेकर सीरियल से सुमित श्रिवास्तव, बृजेश विश्वकर्मा और राजू की हत्याएं की गयी। तीनों घटनाओं का मास्टर माइंड अभिषेक जायसवाल और अभियुक्त सौरभ उर्फ लालू है। छह अभियुक्तगणों को गिरफ्तार कर के जेल भेजा जा रहा है और दो अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।

अभियुक्तों के कब्जे से 2,48.000 रुपये नगद, मृतक बृजेश विश्वकर्मा का मोबाइल, मृतक सुमित श्रिवास्तव का मोबाइल, हत्या में इस्तेमाल की गई दो मोटर साइकिल और एक कार बरामद किया गया है।

गिरफ्तार करने वाली टीम में एसएचओ परशुराम त्रिपाठी थाना रोहनिया, निरीक्षक क्राइम इंद्रभूषण यादव, उप निरीक्षक राम कुमार पाण्डेय, उप निरीक्षक इंदुकांत पाण्डेय,प्रभारी निरीक्षक महेंद्र राम प्रजापति मण्डुआडीह, उप निरीक्षक अमित कुशवाहा, उप निरीक्षक अजय कुमार, हेड कांस्टेबल हंसराज यादव, कांस्टेबल नामित दिनकर, कांस्टेबल विजय कुमार, कांसेटबल अविनाश शर्मा, कांस्टेबल विश्वजीत पाण्डेय ने मुख्य भूमिका निभाई।

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