मृतक का शव एम्बुलेंस के अभाव में स्ट्रेचर से ले जाने का वीडियो हुआ था वायरल, DM सख्त, भेजी नोटिस

वाराणसी। मंडलीय अस्पताल में एक महिला की मौत के बाद जब घर ले जाने के लिए परिजनों ने पहले एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन जब एंबुलेंस नहीं मिली तो मजबूरी में स्ट्रेचर पर ही महिला को लेकर घर के लिए निकल पड़े। सड़क पर स्ट्रेचर से महिला के शव को लेकर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर बीते दिनों वायरल हुआ था। इस वीडियो के वायरल होने पर जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई है। उन्होंने इस वजह से इससे वाराणसी जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल होना माना है और रविवार की शाम मण्डलीय अपर निदेशक/प्रमुख अधीक्षक, श्री शिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय चिकित्सालय डॉ प्रसन्न कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए इस संबंध में जवाब तलब किया है।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने चिकित्सकीय कार्य में शिथिलता एवं लापरवाही पर जारी कारण बताओ नोटिस में जिलाधिकारी ने पूछा है कि क्यों न उनके विरूद्ध कार्रवाई हेतु संस्तुति उच्चाधिकारियों को कर दी जाये। फिलहाल इस कारण बताओ नोटिस के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

जिलाधिकारी ने कारण बताओ नोटिस में उल्लेख करते हुए कहा है कि मंडलीय अस्पताल में एक महिला की मौत के बाद जब घर ले जाने के लिए परिजनों ने पहले एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन जब एंबुलेंस नहीं मिली तो मजबूरी में स्ट्रेचर पर ही महिला को लेकर घर के लिए निकल पड़े। सड़क पर स्ट्रेचर से महिला के शव को लेकर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ तथा इससे वाराणसी जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल हुई।

जबकि कोरोना महामारी के संकट के दौरान मरीजों का बेहतर ख्याल रखे जाने व इन्हें समय से उपचार, एंबुलेंस आदि उपलब्ध कराये जाने हेतु शासन द्वारा समुचित निर्देश समय-समय पर निर्गत किए गए हैं। इसके उपरान्त भी उक्त घटना श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय के चिकित्सकों/स्टाफ की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है व आपके पर्यवेक्षण में लापरवाही एवं शिथिलता को प्रदर्शित करता है।

जिलाधिकारी ने आगे लिखा है कि इससे यह साबित होता है कि आप द्वारा शासकीय कार्यों में लापरवाही व उदासीनता बरती जा रही है एवं अपने कर्तव्यों का निवर्हन समुचित रूप से नहीं किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मण्डलीय अपर निदेशक/प्रमुख अधीक्षक, श्री शिव प्रसाद गुप्त मण्डलीय चिकित्सालय डॉ प्रसन्न कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 अगस्त को उनसे अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए पूछा है कि क्यों न उनके विरूद्ध कार्रवाई हेतु उच्चाधिकारियों को संस्तुति कर दी जाये।