श्रीराम मंदिर भूमि पूजन के लिए धर्म की नगरी काशी से रवाना हुआ विश्वनाथ का अभिषेक किया हुआ जल

Vishwanaths anointed water departed from Kashi the city of religion to worship Shree Ram temple

वाराणसी। 5 अगस्त को अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर की शिला पूजन में पहुँच रहे हैं। इस पवित्र कार्य के लिए पूरे देश से पवित्र नदियों का जल और मिट्टी अयोध्या भेजी जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को गंगा महासभा के स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती की अगुवाई में विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने वरुणा और अस्सी परीक्षेत्र से बाहर सामनेघाट से गंगाजल और मिट्टी एकत्रित की और उस गंगाजल से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक कर उसे इकठ्ठा किया और अयोध्या के लिए रवाना हुए।

बाबा विश्वनाथ का दरबार हमेशा महादेव के जयघोष से गुंजायमान रहता है, पर गुरुवार को बाबा विश्वनाथ का दरबार जय श्रीराम के नारों से गुंजायमान था। मौका था विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा अयोध्या ले जाए जा रहे गंगा जल और काशी की मिट्टी के बाबा विश्वनाथ को चढाने का। कार्यकर्ता दोपहर बाद गंगा महासभा के आचार्य जितेंद्रानंद सरस्वती के सानिध्य में छत्ताद्वार पहुंचे थे।

इस सम्बन्ध में बात करते हुए स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि बाबा विश्वनाथ के बगैर भगवान् राम की पूजा पूरी नहीं होती और भगवान् राम के बगैर बाबा विश्वनाथ की पूजा पूरी नहीं होती, इसलिए आगामी पांच अगस्त को 492 वर्ष की गुलामी की ज़ंजीरों को तोड़ते हुए देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम जन्म भूमि का भूमि पूजन कर रहे होंगे तो उस समय बाबा विश्वनाथ को चढ़ा हुआ गंगाजल और यह मिट्टी जो बुद्ध के ज्ञान की है, कबीर के जन्म की है, रैदास की भूमि की है।

उन्होंने बताया कि हिमालय से शिव की जटाओं से निकलने के बाद काशी में गंगा भगवान् शिव से मिलती हैं। इसलिए आज बाबा विश्वनाथ के प्रांगण में श्रवण शुक्ल पक्ष की एकदाशी पर पूजन करके विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं के साथ इस मिट्टी और गंगा जल को लेकर यहाँ से रवाना हो रहे हैं। उन्होंने यह साफ़ किया कि शास्त्रार्थ के अनुसार यह मिट्टी अस्सी और वरुणा क्षेत्र की नहीं है क्योंकि अस्सी और वरुणा के बीच की मिट्टी और गंगाजल कहीं ले जाया नहीं जा सकता।

इस सम्बन्ध में जब विश्व हिन्दू परिषद् के महानगर मंत्री राजन तिवारी ने बताया कि हमें आज अयोध्या रवाना होना था लेकिन कुछ कारण से यह आज टल गया है। कार्यकर्ता शुक्रवार को और स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती एक या तीन अगस्त को अयोध्या तक रवाना होंगे।

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