वाराणसी: जिला न्यायालय में बुधवार से शुरू हुआ कार्य, कोविड गाइडलाइन के अनुसार हो रहे कामकाज

वाराणसी। जनपद में फैले कोरोना संक्रमण ने जिला न्यायालय और कचहरी क्षेत्र को भी अपनी चपेट में ले लिया है। कचहरी एरिया में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों के मिलने के चलते जनपद न्यायालय भी कंटेंमेंट जोन में आने के कारण पिछले दिनों से बंद था, जिसे माननीय न्यायालय के आदेश पर बुधवार को सुचारु रुप से खोल दिया गया है। जिला न्यायालय खुलते ही अधिवक्ताओं और वादकारियों की भीड़ आज फिर से कचहरी परिसर में देखने को मिली।

न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार पर थर्मल स्कैनिंग होने के बाद ही किसी को परिसर में प्रवेश करने दिया जा रहा है। फिर भी अधिवक्ताओं में कोरोना संक्रमण का डर अभी भी बना हुआ है। इस संबंध में अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि भले ही कचहरी खुल गई है पर अभी भी यहां आने वाले सभी लोगों में कोरोना संक्रमण का डर तो बना ही हुआ है। इसलिए हमें भी यह ध्यान रखना होगा की सोशल डिस्टेंसिंग और स्वंय की सुरक्षा के साथ ही सभी कार्य करें और जहां तक हो सके ज्यादा जरुरत न होने पर न्यायालय न आये।

उन्होंने कहा कि सारे कार्य सरकार नहीं कर सकती इसलिए अब समय आ गया है कि हमें स्वयं भी अपनी जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए कोरोना से बचाव करना चाहिये। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर प्रथम एडीजी द्वारा अधिवक्ताओं को ट्रेनिंग दी गई है, जिसमें ऑनलाइन फाइलिंग और ऑनलाइन वर्चुअल कोर्ट चलाने की बात की गई थी।

उन्होंन कहा अगर वर्चअल कोर्ट की शुरुआत हो जाएगी तो उससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन काफी हद तक हो सकेगा। प्रशासन भी लगातार सैनिटाइजेशन में लगी है। वकीलों के चौकियों को भी समय समय पर सैनिटाइज किया जा रहा है।

अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी ने बताया कि हालांकि रेगुलर ट्रायल न चलने की वजह से अधिवक्ताओं की कमाई मर सी गई है। बार काउंसिल आफ इंडिया और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश को आगे आकर अधिवक्ताओं का सहयोग करना चाहिये जो इस वक्त नहीं हो रहा है, इस बात का दुख है।

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